{"_id":"5a5a6b974f1c1bdd408b4b4e","slug":"151587540517-rishikesh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गजराज और गुलदार की धमक से डर के साए में ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गजराज और गुलदार की धमक से डर के साए में ग्रामीण
Updated Sun, 14 Jan 2018 01:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथी और गुलदार की धमक से खौफ में ग्रामीण
-- पार्क प्रशासन से जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। राजाजी नेशनल टाइगर रिजर्व पार्क से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शाम ढलते ही हाथी और गुलदार के डर से घरों में कैद होने को मजबूर होना पड़ रहा है। पार्क से सटे हरिपुरकलां क्षेत्र में गुलदार और हाथी की धमक लगातार ग्रामीणों को डरा रही है। बावजूद इसके पार्क प्रशासन ग्रामीणों की जानमाल की सुरक्षा के इंतजाम नहीं कर पा रहा है।
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के अंतर्गत आने वाले हरिपुरकलां क्षेत्र में इन दिनों जंगली हाथी का आतंक व्याप्त है। शाम ढलते ही जंगली हाथी गांव में घुसकर काश्तकारों की फसलें चट कर रहे हैं। हाथी अब तक कई ग्रामीणों के घरों की चारदीवारी व गेट क्षतिग्रस्त कर चुके हैं। क्षेत्रवासी प्रेम सिंह नेगी ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में जंगली हाथी उम्मेद सिंह, नंदन सिंह, चंद्रमोहन रावत, गोविंदराम बड़थ्वाल, प्रेम लाल शर्मा, योगेश्वर प्रसाद आदि ग्रामीणों के घरों की दीवार व गेट तोड़ चुका है। जबकि क्षेत्र के काश्तकार श्रीनिवास डोबरियाल, प्रकाश रणाकोटी और वीर सिंह की गन्ना, गेहूं व सब्जियों की फसलें रौंद चुका है।
ग्रामीणों ने पार्क प्रशासन से रिहायशी इलाकों में हाथी, गुलदार, व सुअर आदि जंगली जानवरों से जानमाल की सुरक्षा के लिए ऊर्जा तार बाड़ लगाने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता डा. राजे नेगी ने पार्क प्रशासन से गांव में बार-बार प्रवेश कर रहे जंगली हाथी व क्षेत्र में सक्रिय आदमखोर गुलदार से राहत दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
इनकी सुनिए
क्षेत्र में हाथी व अन्य जंगली जानवरों से ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा को 10 वनकर्मी रात्रि गश्त लगाते हैं, जिनमें से पांच लोग स्थानीय शामिल किए गए हैं। हाथी व गुलदार को आबादी वाले क्षेत्र में घुसने से रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- अशोक रावत, वन दारोगा, खड़खड़ी वन सेक्शन, हरिद्वार।
विज्ञापन
-- पार्क प्रशासन से जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। राजाजी नेशनल टाइगर रिजर्व पार्क से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शाम ढलते ही हाथी और गुलदार के डर से घरों में कैद होने को मजबूर होना पड़ रहा है। पार्क से सटे हरिपुरकलां क्षेत्र में गुलदार और हाथी की धमक लगातार ग्रामीणों को डरा रही है। बावजूद इसके पार्क प्रशासन ग्रामीणों की जानमाल की सुरक्षा के इंतजाम नहीं कर पा रहा है।
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के अंतर्गत आने वाले हरिपुरकलां क्षेत्र में इन दिनों जंगली हाथी का आतंक व्याप्त है। शाम ढलते ही जंगली हाथी गांव में घुसकर काश्तकारों की फसलें चट कर रहे हैं। हाथी अब तक कई ग्रामीणों के घरों की चारदीवारी व गेट क्षतिग्रस्त कर चुके हैं। क्षेत्रवासी प्रेम सिंह नेगी ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में जंगली हाथी उम्मेद सिंह, नंदन सिंह, चंद्रमोहन रावत, गोविंदराम बड़थ्वाल, प्रेम लाल शर्मा, योगेश्वर प्रसाद आदि ग्रामीणों के घरों की दीवार व गेट तोड़ चुका है। जबकि क्षेत्र के काश्तकार श्रीनिवास डोबरियाल, प्रकाश रणाकोटी और वीर सिंह की गन्ना, गेहूं व सब्जियों की फसलें रौंद चुका है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने पार्क प्रशासन से रिहायशी इलाकों में हाथी, गुलदार, व सुअर आदि जंगली जानवरों से जानमाल की सुरक्षा के लिए ऊर्जा तार बाड़ लगाने की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता डा. राजे नेगी ने पार्क प्रशासन से गांव में बार-बार प्रवेश कर रहे जंगली हाथी व क्षेत्र में सक्रिय आदमखोर गुलदार से राहत दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन
इनकी सुनिए
क्षेत्र में हाथी व अन्य जंगली जानवरों से ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा को 10 वनकर्मी रात्रि गश्त लगाते हैं, जिनमें से पांच लोग स्थानीय शामिल किए गए हैं। हाथी व गुलदार को आबादी वाले क्षेत्र में घुसने से रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
- अशोक रावत, वन दारोगा, खड़खड़ी वन सेक्शन, हरिद्वार।