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आग से 5 हेक्टेयर जंगल राख
Updated Sat, 13 Jan 2018 10:42 PM IST
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गैरसैंण। चार दिनों से धधक रहे मेहलचौंरी और आगरचट्टी के जंगलों की आग पर वन विभाग ने ग्रामीणों की मदद से काबू पा लिया है। आग से करीब पांच हेक्टेयर वन संपदा जलकर राख हो गई है।
तहसील के मेहलचौंरी और आगरचट्टी के जंगलों में चार दिनों से आग लगी थी। चीड़ का जंगल होने के चलते यहां वन विभाग के कर्मचारी भी आग पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे थे। लगातार जंगल जलने से करीब पांच हेक्टेयर वन संपदा जलकर राख हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि बारिश न होने से जंगलों में पत्तियां सूखी हुई हैं। ऐेेसे में आग जंगलों के खतरा बनी हुई है। लगातार जले जंगलों से वातावरण में धुंध फैली हुई है। वन क्षेत्राधिकारी हरीश नेगी ने बताया कि शुक्रवार रात दस बजे ग्रामीणों के प्रयास से आग पर काबू पाया गया। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों का पता लगाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आग बुझाने वालों में वन दारोगा अवतार सिंह रावत, वन आरक्षी पदमा दत्त, श्रमिक गबर सिंह रावत, मेहलचौंरी की प्रधान जानकी देवी, कुंदन सिंह बिष्ट, सहित बिसरखेत, आगरचट्टी, फरसों सहित आस पास के ग्रामीण और महिलाएं शामिल थे।
तहसील के मेहलचौंरी और आगरचट्टी के जंगलों में चार दिनों से आग लगी थी। चीड़ का जंगल होने के चलते यहां वन विभाग के कर्मचारी भी आग पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे थे। लगातार जंगल जलने से करीब पांच हेक्टेयर वन संपदा जलकर राख हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि बारिश न होने से जंगलों में पत्तियां सूखी हुई हैं। ऐेेसे में आग जंगलों के खतरा बनी हुई है। लगातार जले जंगलों से वातावरण में धुंध फैली हुई है। वन क्षेत्राधिकारी हरीश नेगी ने बताया कि शुक्रवार रात दस बजे ग्रामीणों के प्रयास से आग पर काबू पाया गया। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों का पता लगाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आग बुझाने वालों में वन दारोगा अवतार सिंह रावत, वन आरक्षी पदमा दत्त, श्रमिक गबर सिंह रावत, मेहलचौंरी की प्रधान जानकी देवी, कुंदन सिंह बिष्ट, सहित बिसरखेत, आगरचट्टी, फरसों सहित आस पास के ग्रामीण और महिलाएं शामिल थे।
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