{"_id":"5a58e96c4f1c1bf8408b4774","slug":"15157765449-karnpryag-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अदरक, हल्दी, फूलों की खेती अपनाएं किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अदरक, हल्दी, फूलों की खेती अपनाएं किसान
Updated Fri, 12 Jan 2018 10:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कर्णप्रयाग। नमामि गंगे के कृषि विकास मद के तहत आयोजित कार्यशाला में किसानों को फलोद्पादन और कृषि क्षेत्र से आर्थिकी जुटाने के टिप्स दिए गए। बताया गया कि किसान अदरक, हल्दी सहित फूलों की खेती से बेहतर आर्थिकी जुटा सकते हैं।
ब्लाक सभागार में आटागाड़ रेंज की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में उद्यान विशेषज्ञ सीपी चमोली ने किसानों को पौधरोपण, सिंचाई, खाद का प्रयोग सहित रखरखाव की जानकारी दी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ब्लाक के दियारकोट, जाख और चौंडली ग्राम पंचायतों में चलाए जा रही योजना के तहत चयनित किसानों को विशेषज्ञों ने मौसम के अनुकूल और प्रतिकूल परिस्थितियों में पौधों के देखभाल के गुर बताए। साथ ही घेरबाड़ के लिए रामबांस, जंगली गुलाब आदि को लाभदायी बताया। आटागाड़ रेंज के रेंजर एनके नेगी ने बताया कि दियारकोट, जाख और चौंडली गांवों में चयनित 30 किसानों को आम, माल्टा सहित चारा प्रजाति के पौधों का वितरण अगस्त माह में किया गया था। उनके पौधों के वर्तमान हालत की समीक्षा भी की गई। किसानों ने बताया कि ऊंचाई वाले इलाकों में आम की पौध नहीं उग पाई, जबकि दिए गए पौधों में करीब सत्तर फीसदी पौधे ठीक रहे। इस दौरान विशेषज्ञों ने जंगली जानवरों से फसलें बचाने के लिए अदरक, हल्दी और फूलों की खेती करने के सुझाव दिए। कहा कि इसके लिए सरकार नि:शुल्क पौध उपलब्ध कराएगी। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी एमपी भट्ट, वन विभाग के प्रकाश नेगी, बीएल शाह और दियारकोट के प्रधान सहित कई चयनित किसान मौजूद थे।
ब्लाक सभागार में आटागाड़ रेंज की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में उद्यान विशेषज्ञ सीपी चमोली ने किसानों को पौधरोपण, सिंचाई, खाद का प्रयोग सहित रखरखाव की जानकारी दी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ब्लाक के दियारकोट, जाख और चौंडली ग्राम पंचायतों में चलाए जा रही योजना के तहत चयनित किसानों को विशेषज्ञों ने मौसम के अनुकूल और प्रतिकूल परिस्थितियों में पौधों के देखभाल के गुर बताए। साथ ही घेरबाड़ के लिए रामबांस, जंगली गुलाब आदि को लाभदायी बताया। आटागाड़ रेंज के रेंजर एनके नेगी ने बताया कि दियारकोट, जाख और चौंडली गांवों में चयनित 30 किसानों को आम, माल्टा सहित चारा प्रजाति के पौधों का वितरण अगस्त माह में किया गया था। उनके पौधों के वर्तमान हालत की समीक्षा भी की गई। किसानों ने बताया कि ऊंचाई वाले इलाकों में आम की पौध नहीं उग पाई, जबकि दिए गए पौधों में करीब सत्तर फीसदी पौधे ठीक रहे। इस दौरान विशेषज्ञों ने जंगली जानवरों से फसलें बचाने के लिए अदरक, हल्दी और फूलों की खेती करने के सुझाव दिए। कहा कि इसके लिए सरकार नि:शुल्क पौध उपलब्ध कराएगी। इस मौके पर खंड विकास अधिकारी एमपी भट्ट, वन विभाग के प्रकाश नेगी, बीएल शाह और दियारकोट के प्रधान सहित कई चयनित किसान मौजूद थे।
विज्ञापन