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छेड़छाड़ प्रकरण में दून अस्पताल के अधिकारी को क्लीन चिट
Updated Fri, 12 Oct 2018 01:44 AM IST
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छेड़छाड़ प्रकरण में दून अस्पताल के अधिकारी को क्लीन चिट
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। दून अस्पताल में महिला सुरक्षा गार्ड से छेड़छाड़ का आरोप जांच में निराधार पाया गया है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता की ओर से गठित चार सदस्यीय जांच टीम ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। जिसके बाद जांच समिति में आरोपित अधिकारी को क्लीन चिट दे दी है।
उल्लेखनीय है कि दून अस्पताल की महिला सुरक्षा गार्ड ने एक अधिकारी पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। प्रकरण उजागर होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता ने फिजियोलाजी के विभागाध्यक्ष डॉ. देशदीपक की अगुवाई में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। जांच समिति में डॉ. देशदीपक के अलावा अर्चना पटवाल, शिवानी सिंह और मासंत सिंह पंवार को शामिल किया गया। जांच टीम ने अधिकारी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली महिला सुरक्षा गार्ड के साथ ही संबंधित अधिकारी से पूछताछ की। जांच में यह बात सामने आई कि महिला से छेड़छाड़ हुई ही नहीं थी। प्राचार्य डॉ. गुप्ता ने कहा कि जांच में महिला सुरक्षा गार्ड के साथ छेड़छाड़ जैसी कोई भी घटना नहीं सामने आई है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। दून अस्पताल में महिला सुरक्षा गार्ड से छेड़छाड़ का आरोप जांच में निराधार पाया गया है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता की ओर से गठित चार सदस्यीय जांच टीम ने आरोपों को बेबुनियाद बताया। जिसके बाद जांच समिति में आरोपित अधिकारी को क्लीन चिट दे दी है।
उल्लेखनीय है कि दून अस्पताल की महिला सुरक्षा गार्ड ने एक अधिकारी पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। प्रकरण उजागर होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता ने फिजियोलाजी के विभागाध्यक्ष डॉ. देशदीपक की अगुवाई में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। जांच समिति में डॉ. देशदीपक के अलावा अर्चना पटवाल, शिवानी सिंह और मासंत सिंह पंवार को शामिल किया गया। जांच टीम ने अधिकारी पर छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली महिला सुरक्षा गार्ड के साथ ही संबंधित अधिकारी से पूछताछ की। जांच में यह बात सामने आई कि महिला से छेड़छाड़ हुई ही नहीं थी। प्राचार्य डॉ. गुप्ता ने कहा कि जांच में महिला सुरक्षा गार्ड के साथ छेड़छाड़ जैसी कोई भी घटना नहीं सामने आई है।
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