{"_id":"5a81f97a4f1c1b9b248b4b54","slug":"151518467450-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिव्यांग बेटी से रेप के प्रयास में चार साल का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिव्यांग बेटी से रेप के प्रयास में चार साल का कारावास
Updated Tue, 13 Feb 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिव्यांग बेटी से रेप के प्रयास में चार साल का कारावास
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
अदालत ने दिव्यांग बेटी से दुराचार के प्रयास के मामले में पिता को चार साल के कठोर कारावास और पांच हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में पीड़िता के साथ उसकी मां की गवाही अहम रही है।
पटेलनगर क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाली यह घटना फरवरी 2014 की है। पीड़िता की मां ने आरोपी को पकड़कर अपनी दिव्यांग बेटी को बचाया था। पुलिस ने पीड़िता की मां की तरफ से मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। मेडिकल जांच कराने के साथ पीड़िता के कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए गए थे। पुलिस ने साक्ष्यों का संकलन कर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दी थी। इस मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक भरत सिंह नेगी ने अभियोजन की तरफ से छह गवाह पेश किए।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) रमा पांडेय ने अभियोजन के तर्कों और साक्ष्याें को सही मानते हुए आरोपी को दोषी माना। आरोपी को चार साल के कारावास और पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। जुर्माने की राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
अदालत ने दिव्यांग बेटी से दुराचार के प्रयास के मामले में पिता को चार साल के कठोर कारावास और पांच हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में पीड़िता के साथ उसकी मां की गवाही अहम रही है।
पटेलनगर क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाली यह घटना फरवरी 2014 की है। पीड़िता की मां ने आरोपी को पकड़कर अपनी दिव्यांग बेटी को बचाया था। पुलिस ने पीड़िता की मां की तरफ से मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। मेडिकल जांच कराने के साथ पीड़िता के कोर्ट में 164 के बयान दर्ज कराए गए थे। पुलिस ने साक्ष्यों का संकलन कर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दी थी। इस मामले की सुनवाई पॉक्सो कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक भरत सिंह नेगी ने अभियोजन की तरफ से छह गवाह पेश किए।
विज्ञापन
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) रमा पांडेय ने अभियोजन के तर्कों और साक्ष्याें को सही मानते हुए आरोपी को दोषी माना। आरोपी को चार साल के कारावास और पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। जुर्माने की राशि पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन