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प्रधानों ने नगर निगम-बीडीओ के खिलाफ खोला मोर्चा
Updated Wed, 21 Jun 2017 10:43 PM IST
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दुगड्डा/कोटद्वार। दुगड्डा ब्लाक के ग्राम प्रधानों ने कोटद्वार भाबर में प्रस्तावित नगर निगम और नवनियुक्त खंड विकास अधिकारी सुमन राणा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
नगर पालिका सभागार दुगड्डा में हुई प्रधान संगठन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुरेश रावत ने कहा कि पूर्व में संपन्न कराए गए विकास कार्यों के विकासखंड मुख्यालय से भुगतान लंबित पड़े हैं। उन कार्यों की जांच के लिए बीडीओ पहुंच रही हैं तो ग्राम प्रधानों को सूचना तक नहीं दी जा रही है। कुंभीचौड़ के प्रधान दीपक पांडे ने कहा कि सभी ग्राम प्रधान एकजुट होकर आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे। केवल ग्राम पंचायतों के कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि अन्य सरकारी विभाग पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, जल संस्थान आदि के कार्यों को गुणवत्ता और मानकों की कसौटी पर कसा जाना चाहिए। पदमपुर के प्रधान चंद्रप्रकाश नैथानी ने कहा कि पूर्व में वीपीएल प्रमाणपत्र ग्राम प्रधानों के माध्यम से पात्र लोगों को उपलब्ध कराए जाते थे, लेकिन वर्तमान में बीडीओ संबंधित व्यक्ति को विकासखंड मुख्यालय बुलाने की बात कर रही हैं। ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की स्थलीय जांच के लिए बीडीओ तकनीकी अधिकारी के साथ पूर्व सूचित किए बिना पहुंच रही है, जबकि उन्हें ग्राम प्रधान को सूचित करना चाहिए। इसका विरोध किया जाएगा।
प्रधानों ने कहा कि ढाई किमी की परिधि वाली कोटद्वार नगर पालिका खुद अपनी कई समस्याओं से ग्रसित है, ऐसे में उसकी सीमा विस्तार का कोई औचित्य नहीं है। भाबर की 35 ग्राम पंचायतों को नगर पालिका अथवा नगर निगम में मिलाने की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों में इसका पुरजोर विरोध होने लगा है। बैठक में मगनपुर प्रधान विजय प्रकाश ध्यानी, प्रधान महेंद्र सिंह उदयरामपुर, विनोद सिंह नंदपुर, कृष्णचंद्र खंतवाल झंडीचौड़, पूनम मेहरा लोकमणीपुर, रेखा रावत पदमपुर मोटाढांक, विमला जोशी जगदेवपुर, रेखा रावत मुरान्यूॅ, इस्लाम अली जुवा, ज्योति रावत घमंडपुर आदि मौजूद थे।
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नगर पालिका सभागार दुगड्डा में हुई प्रधान संगठन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सुरेश रावत ने कहा कि पूर्व में संपन्न कराए गए विकास कार्यों के विकासखंड मुख्यालय से भुगतान लंबित पड़े हैं। उन कार्यों की जांच के लिए बीडीओ पहुंच रही हैं तो ग्राम प्रधानों को सूचना तक नहीं दी जा रही है। कुंभीचौड़ के प्रधान दीपक पांडे ने कहा कि सभी ग्राम प्रधान एकजुट होकर आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे। केवल ग्राम पंचायतों के कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि अन्य सरकारी विभाग पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, जल संस्थान आदि के कार्यों को गुणवत्ता और मानकों की कसौटी पर कसा जाना चाहिए। पदमपुर के प्रधान चंद्रप्रकाश नैथानी ने कहा कि पूर्व में वीपीएल प्रमाणपत्र ग्राम प्रधानों के माध्यम से पात्र लोगों को उपलब्ध कराए जाते थे, लेकिन वर्तमान में बीडीओ संबंधित व्यक्ति को विकासखंड मुख्यालय बुलाने की बात कर रही हैं। ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की स्थलीय जांच के लिए बीडीओ तकनीकी अधिकारी के साथ पूर्व सूचित किए बिना पहुंच रही है, जबकि उन्हें ग्राम प्रधान को सूचित करना चाहिए। इसका विरोध किया जाएगा।
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प्रधानों ने कहा कि ढाई किमी की परिधि वाली कोटद्वार नगर पालिका खुद अपनी कई समस्याओं से ग्रसित है, ऐसे में उसकी सीमा विस्तार का कोई औचित्य नहीं है। भाबर की 35 ग्राम पंचायतों को नगर पालिका अथवा नगर निगम में मिलाने की साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों में इसका पुरजोर विरोध होने लगा है। बैठक में मगनपुर प्रधान विजय प्रकाश ध्यानी, प्रधान महेंद्र सिंह उदयरामपुर, विनोद सिंह नंदपुर, कृष्णचंद्र खंतवाल झंडीचौड़, पूनम मेहरा लोकमणीपुर, रेखा रावत पदमपुर मोटाढांक, विमला जोशी जगदेवपुर, रेखा रावत मुरान्यूॅ, इस्लाम अली जुवा, ज्योति रावत घमंडपुर आदि मौजूद थे।
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