फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   लोक प्राधिकारी, सचिव शहरी विकास पर लगाया 5000 रुपये का जुर्माना

लोक प्राधिकारी, सचिव शहरी विकास पर लगाया 5000 रुपये का जुर्माना

Tue, 02 Jan 2018 10:21 PM IST
Updated Tue, 02 Jan 2018 10:21 PM IST
विज्ञापन
लोक प्राधिकारी, सचिव शहरी विकास पर लगाया 5000 रुपये का जुर्माना

विज्ञापन

रतनमणी डोभाल
हरिद्वार।
सूचना आयोग के नोटिस का जवाब नहीं देना लोक प्राधिकारी, सचिव शहरी विकास विभाग को भारी पड़ गया। राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र कोटियाल ने लोक प्राधिकारी पर पांच हजार रुपये की क्षतिपूर्ति देने का आदेश पारित किया है। साथ ही नगर पालिका परिषद मंगलौर में स्ट्रीट लाइट के लिए एलईडी लाइट खरीद की जांच कराकर दो माह में रिपोर्ट देने का आदेश पारित किया है।
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत एलईडी लाइट की खरीद से संबंधित सूचना नहीं देने पर आयोग ने 27 मई 2016 को लोक सूचना अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद मंगलौर को 25 हजार रुपये का जुर्माना देने और सचिव शहरी विकास लोक प्राधिकारी नामित करते हुए अपीलकर्ता को पांच हजार रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाने का नोटिस जारी किया था। 4 दिसंबर को लोक सूचना अधिकारी नगर पालिका मंगलौर ने सूचना में विलंब को लेकर स्पष्टीकरण दाखिल किया, जिसे आयोग ने स्वीकार कर नोटिस वापस ले लिया। लोक प्राधिकारी, सचिव शहरी विकास की ओर से नोटिस का जवाब दाखिल नहीं किया। आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए 5000 रुपये की क्षतिपूर्ति आवेदक को देने और एलईडी लाइट खरीद की दो महीने के भीतर जांच कराकर आख्या प्रस्तुत करने का आदेश पारित किया है।
विज्ञापन


एलईडी लाइट खरीदने में रिकार्ड तोड़ हुआ घोटाला
हरिद्वार। एनर्जी सेविंग योजना के तहत नगर निकायों को सोडियम की स्ट्रीट लाइटों को एलईडी लाइटों को परिवर्तित करने के आदेश के बाद नगर निकायों को एलईडी लाइट खरीदने के लिए बजट मुहैया कराया गया। नगर निकायों ने एलईडी लाइट खरीद में घोटाले की शिकायत पर जांच के बाद भी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होती नहीं दिख रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नगर पालिका परिषद मंगलौर ने एलईडी लाइट खरीदने के 25 वाट की एक एलईडी लाइट 6950 रुपये और 72 वॉट की एलईडी लाइट 23500 रुपये के रेट से खरीदी हैं, जबकि नगर निगम रुड़की ने 25 वॉट की एलईडी करीब 1800 रुपये में और 72 वाट की एलईडी 5000 रुपये प्रतिनग की दर से खरीदी थीं। शासन के आदेश पर एडीएम ने जांच कर घोटाले की पुष्टि की थी, परंतु जीरो टॉलरेंस की सरकार सभी रिपोर्टों को दबाकर बैठी हुई है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने 19 अप्रैल को एलईडी घोटाले की जांच कर एक पखवाड़े में जांच आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया था, परंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि मंत्री का दावा यही है कि सरकार किसी को बख्शेगी नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed