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स्कृंत विवि के छात्रों ने अनुशासन समिति का पुतला फूंका
Updated Mon, 25 Dec 2017 11:01 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादराबाद।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच चल रहा गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को दो पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों के निलंबन से गुस्साए छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अनुशासन समिति का पुतला फूंका। छात्रों ने निलंबन वापस नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्षों के निलंबन को लेकर छात्रों में भारी रोष है। सोमवार को विवि के वंदे मातरम ग्रुप से जुड़े छात्रों ने विवि के मुख्यद्वार पर एकत्रित होकर नारेबाजी की और विवि प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए अनुशासन समिति का पुतला दहन किया। छात्रसंघ के पूर्व महासचिव ललित शर्मा ने कहा कि विवि प्रशासन की ओर से छात्रों को प्रताड़ित किया जा रहा है। कहा कि पूर्व छात्र संघ अध्यक्षों का निलंबन वापस होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्र सेवा समिति के अध्यक्ष आशीष सेमवाल और धीरज सिंह ने कुलसचिव के साथ अभद्रता करने वाले छात्रों के निलंबन की भी मांग की। इस अवसर पर विपिन ध्यानी, यक्ष नैथानी, मोहित शर्मा, अमित गैरोला, अनिरुद्ध मिश्रा, गोपी सेमवाल, दीपक रतूडी, राजेंद्र कुमार, दुर्गेश त्रिपाठी, उपेंद्र शर्मा, हरीश जोशी आदि छात्र नेता उपस्थित रहे।
संस्कृत विवि में शोध अधिकारी को हटाने की मांग
हरिद्वार। उत्तराखंड संस्कृत विवि में छात्रसंघ अध्यक्ष गुट का 22 सूत्री मांगों को लेकर क्रमिक आंदोलन छठे दिन भी जारी रहा। छात्रों ने नारेबाजे करते हुए शोध अधिकारी को हटाने की मांग की।
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छात्रसंघ अध्यक्ष रविंद्र नौटियाल ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। ऐसे में छात्रों में आक्रोश बढ़ रहा है। एबीवीपी संस्कृत इकाई के प्रदेश प्रमुख विकास जोशी ने कहा कि शोध अधिकारी के स्तर से छात्रों की कोई समस्या हल नहीं की जा रही है। नरेंद्र थपलियाल ने कहा कि शोधधिकारी को हटाकर किसी अन्य योग्य व्यक्ति की नियुक्त नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर वंदना पुरी, अंशु, विशाखा गौड़, दिग्विजय तिवारी, लोकेंद्र कुकरेती, रितेश वशिष्ठ, प्रतीक शर्मा, नरेश कुमार, प्रतीक चौधरी, कुलदीप भट्ट, गौरव दिवाकर, सुभाष भट्ट, राकेश सेमवाल, विनय पैन्यूली, गौरव जोशी, तिलक मणि, ब्रृजमोहन, शुभम आदि छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। ब्यूरो
बहादराबाद।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों के बीच चल रहा गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को दो पूर्व छात्रसंघ अध्यक्षों के निलंबन से गुस्साए छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अनुशासन समिति का पुतला फूंका। छात्रों ने निलंबन वापस नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्षों के निलंबन को लेकर छात्रों में भारी रोष है। सोमवार को विवि के वंदे मातरम ग्रुप से जुड़े छात्रों ने विवि के मुख्यद्वार पर एकत्रित होकर नारेबाजी की और विवि प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए अनुशासन समिति का पुतला दहन किया। छात्रसंघ के पूर्व महासचिव ललित शर्मा ने कहा कि विवि प्रशासन की ओर से छात्रों को प्रताड़ित किया जा रहा है। कहा कि पूर्व छात्र संघ अध्यक्षों का निलंबन वापस होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्र सेवा समिति के अध्यक्ष आशीष सेमवाल और धीरज सिंह ने कुलसचिव के साथ अभद्रता करने वाले छात्रों के निलंबन की भी मांग की। इस अवसर पर विपिन ध्यानी, यक्ष नैथानी, मोहित शर्मा, अमित गैरोला, अनिरुद्ध मिश्रा, गोपी सेमवाल, दीपक रतूडी, राजेंद्र कुमार, दुर्गेश त्रिपाठी, उपेंद्र शर्मा, हरीश जोशी आदि छात्र नेता उपस्थित रहे।
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संस्कृत विवि में शोध अधिकारी को हटाने की मांग
हरिद्वार। उत्तराखंड संस्कृत विवि में छात्रसंघ अध्यक्ष गुट का 22 सूत्री मांगों को लेकर क्रमिक आंदोलन छठे दिन भी जारी रहा। छात्रों ने नारेबाजे करते हुए शोध अधिकारी को हटाने की मांग की।
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छात्रसंघ अध्यक्ष रविंद्र नौटियाल ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। ऐसे में छात्रों में आक्रोश बढ़ रहा है। एबीवीपी संस्कृत इकाई के प्रदेश प्रमुख विकास जोशी ने कहा कि शोध अधिकारी के स्तर से छात्रों की कोई समस्या हल नहीं की जा रही है। नरेंद्र थपलियाल ने कहा कि शोधधिकारी को हटाकर किसी अन्य योग्य व्यक्ति की नियुक्त नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर वंदना पुरी, अंशु, विशाखा गौड़, दिग्विजय तिवारी, लोकेंद्र कुकरेती, रितेश वशिष्ठ, प्रतीक शर्मा, नरेश कुमार, प्रतीक चौधरी, कुलदीप भट्ट, गौरव दिवाकर, सुभाष भट्ट, राकेश सेमवाल, विनय पैन्यूली, गौरव जोशी, तिलक मणि, ब्रृजमोहन, शुभम आदि छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। ब्यूरो