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अफसरों, पुलिसकर्मियों ने सीखे व्यक्तित्व विकास के गुर
Updated Mon, 25 Dec 2017 10:49 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में पुलिस के जवानों और अधिकारियों के व्यक्तित्व विकास के लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का सोमवार को समापन हो गया।
शिविर समापन अवसर पर संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में पुलिस का कार्य जिम्मेदारी वाला होता है। पुलिस पर समाज का बड़ा दायित्व है। इन सबके बीच सामंजस्य बिठाने के लिए नियमित रूप से अपने इष्टदेव का ध्यान करना चाहिए। मन की एकाग्रता व शांति के लिए कुछ समय प्राणायाम का अभ्यास कारगर होगा।
एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने कहा कि व्यक्तित्व विकास के लिए शांतिकुंज सबसे अच्छा स्थान है। शांतिकुंज का जैसा नाम है वैसा ही यहां के नियम, कायदे बहुत ही प्रेरक हैं। एसएसपी ने पुलिसकर्मियों से कहा कि यहां जो कुछ सीखा है उसे जीवन में उतारेंगे तो सबका भला होगा। शांतिकुंज के प्रशिक्षकों ने जिस लगन व उत्साह से सिखाया है उसे व्यवहार में अवश्य लाएं। उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र सद्बुद्धि का मंत्र है। इसके जप के कई तरह के लाभ हैं।
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इससे पहले शांतिकुंज रचनात्मक प्रकोष्ठ के समन्वयक केदार प्रसाद दुबे ने कहा कि पुलिस विभाग में कार्यों की विविधता होती है। इन सबके बीच में सामंजस्य बिठाने के लिए धैर्य की नितांत जरूरत है। धैर्य, दायित्व के प्रति जिम्मेदारी, उत्साह एवं दूरदर्शिता जैसे सद्गुणों के साथ होना चाहिए। शिविर समन्वयक पूर्व एएसपी व शांतिकुंज कार्यक्र म संयोजक अजय त्रिपाठी ने बताया कि शिविर में जीवन की गरिमा, स्वस्थ रहने के उपाय, नेतृत्व क्षमता का विकास, नशा उन्मूलन के सूत्र, भावनात्मक विकास जैसे विषयों पर शांतिकुंज के वरिष्ठ विषय विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर हरिमोहन गुप्ता, टीम लीडर एआरओ मुकेश ठाकुर व ऐश्वर्य पॉल सहित कई पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
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आत्मविश्वास सफलता की कुंजी: डा. पंड्या
शांतिकुंज के नवयुग दल का विशेष शिविर संपन्न
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
गायत्री परिवार के प्रमुख डा. प्रणव पंडया ने कहा कि आत्मविश्वास सफलता की कुंजी है। जितना आत्मविश्वास होगा, उतना ही सफलता का प्रतिशत अधिक होगा। स्वामी विवेकानंद एवं पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य में जबरदस्त आत्मविश्वास था। यही वजह है कि वे अपने कार्यों को सफलतापूर्वक पूरे करते रहे और आज उनके करोड़ों अनुयायी विश्व भर में हैं। डा. पंड्या शांतिकुंज के नवयुगदल के युवाओं के तीन दिवसीय विशेष शिविर के समापन अवसर पर बोल रहे थे।
शिविर में नवयुग दल में वे युवा शामिल हुए जो देश विदेश में राष्ट्रीय - अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, उद्योगपतियों, सरकारी अधिकारियों तथा शिक्षा, मीडिया जगत के क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डा. पंड्या ने कहा कि युवाओं में जबरदस्त उत्साह होता है। इससे वे सच्चे अर्थों में अपने दायित्वों को निर्बाध गति से निर्वहन करें और अपने सहपाठियों में आत्मविश्वास पैदा करने में लगाएं। युवाओं को शांतिकुंज दूत बताते हुए कहा कि शांतिकुंज के संस्कारों से अपने साथियों को भी लाभान्वित करें। नि:स्वार्थ भाव से सेवा करने वालों की ईश्वर भी सहयोग करता है।
डा. पंड्या ने कहा कि इन दिनों युवाओं को सकारात्मक दिशा एवं मार्गदर्शन की जरूरत है। कार्यक्रम में व्यवस्थापक शिवप्रसाद मिश्र, प्रज्ञा अभियान के संपादक वीरेश्वर उपाध्याय, कपिल केसरी, महेंद्र शर्मा, देसंविवि के प्रतिकुलपति डा. चिन्मय पंड्या, रचनात्मक प्रकोष्ठ के समन्वयक केपी दुबे, कुलसचिव संदीप कुमार, मंजू श्रीवास्तव, अंशुमान दास, रवि नागर, कविता सोनी, मनीष महाजन, ओमप्रकाश ठाकरे, संतोष सिंह, ऋचा मिश्रा, प्रज्ञा शुक्ला आदि उपस्थित थे।