{"_id":"5a3a9bbc4f1c1bbd208b7c2e","slug":"151379054717-gopeshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सात दिवसीय बंड मेला शुरु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सात दिवसीय बंड मेला शुरु
Updated Wed, 20 Dec 2017 11:05 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
पीपलकोटी। सात दिवसीय बंड औद्योगिक, पर्यटन एवं कृषि मेले का रंगारंग कार्यक्रमों के साथ आगाज हुआ। मेले का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी देवी और थराली विधायक मगल लाल शाह ने संयुक्त रुप से किया। इस दौरान गोपीनाथ कला मंच के कलाकारों और विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी शाह ने जोशीमठ और दशोली ब्लॉक के काश्तकारों को 92 लाख के कृषि ऋण के चेक बांटे।
जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी शाह ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति के द्योतक हैं। थराली विधायक मगन लाल शाह ने कहा कि मेलों के आयोजन से ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिलती है। इसके बाद मेले में कार्यक्रमों की धूम रही। पूर्व गोपीनाथ कला मंच के कलाकारों ने मां नंदा तेरी जात, पहुंचीगे ऊंचा कैलाश..., हम सभी देशवासी..., बेडू पाको बारमास..., फ्यूंलड़िया त्वे देखीक... गीतों पर प्रस्तुति दी। नवोदय विद्यालय पीपलकोटी के छात्र-छात्राओं के रामी बौराणी नृत्य नाटिका के माध्यम से एक ग्रामीण महिला की दुख वेदना को दर्शाया। इस मौके पर मेला समिति के अध्यक्ष शंभू प्रसाद सती, जिला पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी, हरि दर्शन सिंह, गजेंद्र राणा, अतुल शाह, नवीन वैष्णव, अयोध्या प्रसाद हटवाल, विवेक साह, तारा दत्त थपलियाल, सुबोधनी खत्री, सुनील कोठियाल, बिहारी लाल बनवाल और हरीश पुरोहित आदि मौजूद थे।
स्थानीय उत्पादों के सजे स्टॉल
बंड मेले में सरकारी व गैैर सरकारी विभागों की ओर से 20 स्टॉल लगाए गए हैं। महिलाओं के महिला स्वयं समूहों के स्टॉलों पर रिगांल से बने सामान के साथ ही दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी उपलब्ध हैं। भोटिया जनजाति के स्टॉलों पर ऊनी कपड़े, टोपी, कालीन और पंखी भी उपलब्ध है।
विज्ञापन
नहीं पहुंच वित्त मंत्री, मायूस लौटे ग्रामीण
बंड मेले के उद् घाटन के लिए सूबे के पेयजल और वित्त मंत्री प्रकाश पंत को पहुंचना था। ऐसे में यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण समस्याएं लेकर पहुंचे थे, लेकिन मंत्री के न पहुंचने से मायूस होकर ग्रामीण लौट गए। जोशीमठ निवासी सतेश्वरी देवी, माहेश्वरी, दीपा और अनीता का कहना है कि समस्याओं को लेकर पेयजल मंत्री से मिलने आए थे, लेकिन अब बैरंग लौटना पड़ रहा है। चमोली क्षेत्र के लोग चमोली पुनर्गठन पेयजल योजना के संबंध में पेयजल मंत्री से मिलने पहुंचे थे। उन्हें भी मायूसी हाथ लगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी शाह ने कहा कि मेले हमारी संस्कृति के द्योतक हैं। थराली विधायक मगन लाल शाह ने कहा कि मेलों के आयोजन से ग्रामीणों को विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी मिलती है। इसके बाद मेले में कार्यक्रमों की धूम रही। पूर्व गोपीनाथ कला मंच के कलाकारों ने मां नंदा तेरी जात, पहुंचीगे ऊंचा कैलाश..., हम सभी देशवासी..., बेडू पाको बारमास..., फ्यूंलड़िया त्वे देखीक... गीतों पर प्रस्तुति दी। नवोदय विद्यालय पीपलकोटी के छात्र-छात्राओं के रामी बौराणी नृत्य नाटिका के माध्यम से एक ग्रामीण महिला की दुख वेदना को दर्शाया। इस मौके पर मेला समिति के अध्यक्ष शंभू प्रसाद सती, जिला पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी, हरि दर्शन सिंह, गजेंद्र राणा, अतुल शाह, नवीन वैष्णव, अयोध्या प्रसाद हटवाल, विवेक साह, तारा दत्त थपलियाल, सुबोधनी खत्री, सुनील कोठियाल, बिहारी लाल बनवाल और हरीश पुरोहित आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
स्थानीय उत्पादों के सजे स्टॉल
बंड मेले में सरकारी व गैैर सरकारी विभागों की ओर से 20 स्टॉल लगाए गए हैं। महिलाओं के महिला स्वयं समूहों के स्टॉलों पर रिगांल से बने सामान के साथ ही दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी उपलब्ध हैं। भोटिया जनजाति के स्टॉलों पर ऊनी कपड़े, टोपी, कालीन और पंखी भी उपलब्ध है।
विज्ञापन
नहीं पहुंच वित्त मंत्री, मायूस लौटे ग्रामीण
बंड मेले के उद् घाटन के लिए सूबे के पेयजल और वित्त मंत्री प्रकाश पंत को पहुंचना था। ऐसे में यहां बड़ी संख्या में ग्रामीण समस्याएं लेकर पहुंचे थे, लेकिन मंत्री के न पहुंचने से मायूस होकर ग्रामीण लौट गए। जोशीमठ निवासी सतेश्वरी देवी, माहेश्वरी, दीपा और अनीता का कहना है कि समस्याओं को लेकर पेयजल मंत्री से मिलने आए थे, लेकिन अब बैरंग लौटना पड़ रहा है। चमोली क्षेत्र के लोग चमोली पुनर्गठन पेयजल योजना के संबंध में पेयजल मंत्री से मिलने पहुंचे थे। उन्हें भी मायूसी हाथ लगी।