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मांगों के लिए प्रजम का जन संपर्क जारी, मशाल के साथ किया प्रदर्शन
Updated Sun, 17 Dec 2017 10:33 PM IST
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श्रीनगर। तीन सूत्रीय मांगों के लिए प्रजम ने स्थानीय गोला पार्क में मशाल जुलूस निकाला।
इस मौके पर आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन को गति देने के लिए आसपास के गांवों और नगर के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। एनआईटी के स्थायी परिसर निर्माण, संयुक्त चिकित्सालय में डॉक्टरों की तैनाती और श्रीनगर, श्रीकोट, डांग, पौड़ी में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए प्रगतिशील जन मंच का धरना रविवार को 186वें दिन भी जारी रहा।
प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी ने कहा कि वर्ष 2009 में केंद्र सरकार की ओर से पहाड़ में एनआईटी की स्वीकृति दी गई थी। वर्ष 2010 से यहां पर कक्षाओं का संचालन भी शुरू हो गया है। वर्ष 2013 में सुमाड़ी के ग्रामीणों ने एनआईटी के स्थायी परिसर के लिए 8000 नाली भूमि दान दे दी, जबकि संस्थान के लिए 6000 नाली भूमि की जरूरत थी। बावजूद इसके एनआईटी के स्थायी परिसर का निर्माण नहीं हो पाया है।
उन्होंने कहा कि यही हाल 120 साल पुराने संयुक्त अस्पताल का है। डबल इंजन की सरकार सबका साथ सबका विकास के मुद्दे पर प्रचंड बहुमत में आई और अस्पताल से एक साथ पांच चिकित्सकों का स्थानांतरण कर दिया।
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नगर सहित आसपास के क्षेत्रों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने वाली पेयजल योजना का निर्माण कार्य भी ठप है। इन सभी समस्याओं पर सरकार की चुपी का मुहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इसके लिए आंदोलन को उग्र करने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इस मौके पर प्रदीप तिवाड़ी, विरेंद्र सिंह नेगी, गणेश टम्टा, लक्ष्मी गुप्ता मौजूद थे।
इस मौके पर आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन को गति देने के लिए आसपास के गांवों और नगर के विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। एनआईटी के स्थायी परिसर निर्माण, संयुक्त चिकित्सालय में डॉक्टरों की तैनाती और श्रीनगर, श्रीकोट, डांग, पौड़ी में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए प्रगतिशील जन मंच का धरना रविवार को 186वें दिन भी जारी रहा।
प्रजम के अध्यक्ष अनिल स्वामी ने कहा कि वर्ष 2009 में केंद्र सरकार की ओर से पहाड़ में एनआईटी की स्वीकृति दी गई थी। वर्ष 2010 से यहां पर कक्षाओं का संचालन भी शुरू हो गया है। वर्ष 2013 में सुमाड़ी के ग्रामीणों ने एनआईटी के स्थायी परिसर के लिए 8000 नाली भूमि दान दे दी, जबकि संस्थान के लिए 6000 नाली भूमि की जरूरत थी। बावजूद इसके एनआईटी के स्थायी परिसर का निर्माण नहीं हो पाया है।
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उन्होंने कहा कि यही हाल 120 साल पुराने संयुक्त अस्पताल का है। डबल इंजन की सरकार सबका साथ सबका विकास के मुद्दे पर प्रचंड बहुमत में आई और अस्पताल से एक साथ पांच चिकित्सकों का स्थानांतरण कर दिया।
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नगर सहित आसपास के क्षेत्रों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने वाली पेयजल योजना का निर्माण कार्य भी ठप है। इन सभी समस्याओं पर सरकार की चुपी का मुहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इसके लिए आंदोलन को उग्र करने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इस मौके पर प्रदीप तिवाड़ी, विरेंद्र सिंह नेगी, गणेश टम्टा, लक्ष्मी गुप्ता मौजूद थे।