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संस्कृत विवि में ऑउटरीच प्रोग्राम से होगा गौरैया का संरक्षण
Updated Mon, 27 Nov 2017 11:02 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में ऑउटरीच प्रोग्राम के तहत गौरैया और पर्यावरण संरक्षण के लिए नई पहल शुरू की गई है। इस प्रोग्राम के अंतर्गत विवि के शिक्षक अलग-अगल स्थानों पर जाकर गौरैया और पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों में जागरूकता पैदा करने का काम करेंगे।
ऑउटरीच प्रोग्राम के तहत विवि के पक्षी वैज्ञानिक डा. विनय सेठी की ओर से यूपी के सहारनुपर के डीएम प्रमोद कुमार पांडेय के आवास पर गौरैया संरक्षण पर ओरिएंटेशन सेशन का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में डीएम प्रमोद कुमार, सीडीओ संजीव रंजन, एसएसपी बबलू कुमार सहित जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में डा. विनय सेठी ने कैसे बुलाए गौरैया को विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में गौरैया संरक्षण के विभिन्न पहुलों पर प्रकाश डाला। बताया कि आज शहरी और ग्रामीण अंचलों में गौरैया पक्षी की संख्या निरंतर घटती जा रही है, इसके लिए मानव के क्रियाकलाप सीधे तौर पर उत्तरदायी हैं। उन्होंने फील्ड वीडियोज के माध्यम से हरिद्वार शहर में गौरैया पक्षी की घटती संख्या की स्थिति का चित्रण कर तेजी से बदल रही आवासीय संरचना के दुष्प्रभावों को प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखा। कहा कि ये सत्य है कि वर्तमान भवनों की संरचनाएं गौरैया को घोंसला बनाने की जगह उब्लब्ध नहीं करा रही है, परंतु लकड़ी के कृत्रिम घोसलें बनाकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है।
डा. सेठी ने बताया कि ऑउटरीच प्रोग्राम के तहत गौरैया संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन सहारनपुर से वार्ता की गई है। इस प्रोग्राम के तहत उत्तराखंड संस्कृत विवि गौरैया संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन सहारनपुर का सहयोग करेगा। साथ सहारनपुर के अलग-अलग स्थानों पर जाकर गौरैया की स्थित का सर्वे किया जाएगा। इससे गौरैया के संरक्षण में मदद मिलेगी।
हरिद्वार।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में ऑउटरीच प्रोग्राम के तहत गौरैया और पर्यावरण संरक्षण के लिए नई पहल शुरू की गई है। इस प्रोग्राम के अंतर्गत विवि के शिक्षक अलग-अगल स्थानों पर जाकर गौरैया और पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों में जागरूकता पैदा करने का काम करेंगे।
ऑउटरीच प्रोग्राम के तहत विवि के पक्षी वैज्ञानिक डा. विनय सेठी की ओर से यूपी के सहारनुपर के डीएम प्रमोद कुमार पांडेय के आवास पर गौरैया संरक्षण पर ओरिएंटेशन सेशन का आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में डीएम प्रमोद कुमार, सीडीओ संजीव रंजन, एसएसपी बबलू कुमार सहित जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में डा. विनय सेठी ने कैसे बुलाए गौरैया को विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में गौरैया संरक्षण के विभिन्न पहुलों पर प्रकाश डाला। बताया कि आज शहरी और ग्रामीण अंचलों में गौरैया पक्षी की संख्या निरंतर घटती जा रही है, इसके लिए मानव के क्रियाकलाप सीधे तौर पर उत्तरदायी हैं। उन्होंने फील्ड वीडियोज के माध्यम से हरिद्वार शहर में गौरैया पक्षी की घटती संख्या की स्थिति का चित्रण कर तेजी से बदल रही आवासीय संरचना के दुष्प्रभावों को प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रखा। कहा कि ये सत्य है कि वर्तमान भवनों की संरचनाएं गौरैया को घोंसला बनाने की जगह उब्लब्ध नहीं करा रही है, परंतु लकड़ी के कृत्रिम घोसलें बनाकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है।
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डा. सेठी ने बताया कि ऑउटरीच प्रोग्राम के तहत गौरैया संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन सहारनपुर से वार्ता की गई है। इस प्रोग्राम के तहत उत्तराखंड संस्कृत विवि गौरैया संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन सहारनपुर का सहयोग करेगा। साथ सहारनपुर के अलग-अलग स्थानों पर जाकर गौरैया की स्थित का सर्वे किया जाएगा। इससे गौरैया के संरक्षण में मदद मिलेगी।
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