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दर-दर की ठोंकरे के बाद भी नहीं मिल रहा जमीन का टुकड़ा

Mon, 27 Nov 2017 12:54 AM IST
Updated Mon, 27 Nov 2017 12:54 AM IST
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दर-दर की ठोंकरे के बाद भी नहीं मिल रहा जमीन का टुकड़ा
फाइल फोटो नेम-
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19 पात्रों को 24 सालों बाद भी जमीन का इंतजार
-- परिवार योजना के तहत नसबंदी करवाने वालों को मिलनी थी तीन-तीन बीघा जमीन
-- जमीन के इंतजार में तीन लोगों की हो चुकी है मृत्यु

अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। केंद्र सरकार की परिवार नियोजन योजना के तहत 24 साल पूर्व क्षेत्र के 19 लोगों ने नसबंदी कराई। इसकी एवज में उन्हें सरकार की ओर से करीब तीन-तीन बीघा भूमि दी जानी थी, लेकिन आज तक पात्रों को जमीन नहीं मिल पाई है। नसबंदी कराने वालों में तीन लोगों की मृत्यु भी हो चुकी है। बावजूद सरकारी सिस्टम की आंखें खुलने का नाम नहीं ले रही हैं। यह स्थिति तब है जबकि पात्र व्यक्ति सीएम से लेकर पीएम व राष्ट्रपति तक से गुहार लगा चुके हैं। मगर कहीं सुनवाई नहीं हो पाई। लिहाजा उनकी उम्मीद आज भी अधूरी ही है।
आईडीपीएल में टेलर की दुकान चलाने वाले कुंवर सिंह रौथाण ने योजना के तहत वर्ष-1994 में पंजीकरण कराकर नसबंदी कराई थी। उनके साथ क्षेत्र के 18 और लोगों ने परिवार नियोजन स्कीम को अपनाया। तत्कालीन यूपी सरकार ने ऋषिकेश तहसील प्रशासन को नसबंदी कराने वाले क्षेत्र के 19 लोगों को भूमि उपलब्ध कराने के आदेश जारी किए। प्रशासन ने वर्ष 1994 में ही पात्र लोगों को गंगानगर के समीप वनभूमि पर कब्जा दे दिया। मामला वन विभाग तक पहुंचा, तो स्थानीय वन अधिकारियों ने परिवारों को प्रशासन द्वारा कब्जे में सौंपी गई जमीन से खदेड़ दिया। इसके बाद से ही कुंवर सिंह रौथाण पात्र लोगों की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस बीच नसबंदी कराने वाले तीन लोगों की मौत हो चुकी है। मगर उन्हें जीतेजी जमीन का टुकड़ा नसीब नहीं हुआ।
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बकौल, कुंवर सिंह रौथाण वह 24 साल से लंबित प्रकरण को लेकर जिला प्रशासन, क्षेत्रीय विधायक, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति को सैकड़ों बार पत्राचार कर चुके हैं। मगर उन्हें आज तक कहीं से कोई राहत नहीं मिली। बताया कि दर्जनों बार तहसील दिवस पर भी शिकायत दर्ज करा चुके हैं। मगर नतीजा सिफर रहा ।
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इन लोगों को मिलनी थी जमीन
केंद्र सरकार की परिवार नियोजन योजना के तहत ऋषिकेश क्षेत्र में रमावती देवी, शरणजीत कौर, मायादेवी, ऊषा देवी, संतोष कौर, शांति देवी, ललता देवी, गंगा देवी, तारा देवी, धनवंतरी, कमला देवी, पुष्पा मोहन, राजरानी देवी, मिथलेश, कविता देवी, रामसूरत, रामकिशन, शमशेर सिंह, कुंवर सिंह को भूमि राज्य सरकार ने देने के आदेश जारी किए थे। यह आदेश ऋषिकेश तहसील को 1994 में दिए गए थे।

आत्मदाह की चेतावनी से घबराए एसडीएम
ऋषिकेश। परिवार नियोजन योजना के पात्र 71 वर्षीय कुंवर सिंह रौथाण ने बीती 22 नवंबर को एसडीएम को आत्मदाह की चेतावनी से जुड़ा पत्र सौंपा। मगर वह पत्र देखकर घबरा गए। रौथाण ने बताया कि एसडीएम ने मामले में उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया है। लिहाजा उन्होंने आत्मदाह के निर्णय को वापस ले लिया।
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