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आज (सोमवार) पांच बजे बाद विद्युत विभाग के इंजीनियरों से नही हो पाएगी बात
Updated Sun, 26 Nov 2017 10:14 PM IST
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श्रीनगर। सातवें वेतनमान की विसंगतियों और एसीपी की व्यवस्था से नाराज विद्युत विभाग के कर्मचारी और इंजीनियर आज सोमवार को पांच बजे के बाद अपना विभागीय मोबाइल स्विच ऑफ कर देंगे।
ऊर्जा निगमों की यूनियनों/एसोसिएशनों के संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले विद्युत वितरण खंड परिसर में कर्मियों ने गेट मीटिंग आयोजित की। इस दौरान वक्ताओं ने प्रदेश सरकार के रवैये पर कड़ा आक्रोश जताया। कहा गया कि सरकार की ओर से सातवेें वेतन आयोग में एसीपी और पे-मैट्रिक्स की व्यवस्था में विसंगतियां की गई है। छठवें वेतन आयोग में कर्मियों को पहला प्रमोशन 9वें साल, दूसरा 14 व तीसरा 19वें साल में दिया जाता था, वहीं अब यह प्रमोशन क्रमश: 10, 20 और 30 वर्षों में मिलेगा। साथ ही कर्मियों की पे-मैट्रिक्स को बढ़ाने के बजाय कम कर दिया गया है, जिससे कर्मियों को वित्तीय हानि हुई है। कर्मियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि समस्या को लेकर त्रिपक्षीय वार्ता के बाद शासन स्तर पर कमेटी भी गठित की गई थी। कमेटी की ओर से भी अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है। बावजूद इसके कोई आदेश जारी नहीं हो पाया है। कर्मियों ने सोमवार को आठ घंटे की ड्यूटी के बाद विभागीय मोबाइल फोन बंद स्विच ऑफ करने का निर्णय लिया है। बैठक में संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष आरपी नौटियाल, एमपी लखेड़ा, चंद्र शेखर ढौंडियाल, एसके सहगल आदि ने विचार रखे। इस दौरान शिवराज नेगी, यतेंद्र कुमार, उषा पंवार, अनुज असवाल, रजनीश सैनी, संजीव कुमार, सचिन मेवाडग़ुरू, ज्योति बहुगुणा आदि मौजूद थे।
ऊर्जा निगमों की यूनियनों/एसोसिएशनों के संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले विद्युत वितरण खंड परिसर में कर्मियों ने गेट मीटिंग आयोजित की। इस दौरान वक्ताओं ने प्रदेश सरकार के रवैये पर कड़ा आक्रोश जताया। कहा गया कि सरकार की ओर से सातवेें वेतन आयोग में एसीपी और पे-मैट्रिक्स की व्यवस्था में विसंगतियां की गई है। छठवें वेतन आयोग में कर्मियों को पहला प्रमोशन 9वें साल, दूसरा 14 व तीसरा 19वें साल में दिया जाता था, वहीं अब यह प्रमोशन क्रमश: 10, 20 और 30 वर्षों में मिलेगा। साथ ही कर्मियों की पे-मैट्रिक्स को बढ़ाने के बजाय कम कर दिया गया है, जिससे कर्मियों को वित्तीय हानि हुई है। कर्मियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि समस्या को लेकर त्रिपक्षीय वार्ता के बाद शासन स्तर पर कमेटी भी गठित की गई थी। कमेटी की ओर से भी अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है। बावजूद इसके कोई आदेश जारी नहीं हो पाया है। कर्मियों ने सोमवार को आठ घंटे की ड्यूटी के बाद विभागीय मोबाइल फोन बंद स्विच ऑफ करने का निर्णय लिया है। बैठक में संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष आरपी नौटियाल, एमपी लखेड़ा, चंद्र शेखर ढौंडियाल, एसके सहगल आदि ने विचार रखे। इस दौरान शिवराज नेगी, यतेंद्र कुमार, उषा पंवार, अनुज असवाल, रजनीश सैनी, संजीव कुमार, सचिन मेवाडग़ुरू, ज्योति बहुगुणा आदि मौजूद थे।
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