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गौरा कन्याधन योजना के पैसों के लिए काटने पड़ रहे डाक घर के चक्कर
Updated Sun, 26 Nov 2017 10:14 PM IST
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श्रीनगर। गौरा कन्याधन की धनराशि के लिए लाभार्थियों को डाकघर के चक्कर काटने पड़ रहे है। बचत पत्रों की समय अवधि पूरी होने के बाद भी लाभार्थियों को धनराशि का भुगतान नही किया जा रहा है।
सरकार की गौरा कन्याधन योजना के तहत वर्ष 2011 में इंटर पास करने वाली छात्राओं को समाज कल्याण विभाग के माध्यम से 25 हजार की धनराशि दी जानी थी। योजना के लाभार्थियों को नरेंद्रनगर डाकघर की ओर से छह वर्षीय राष्ट्रीय बचत पत्र दिए गए। अब इन बचत पत्रों के परिपक्व होने पर उन्हें भुगतान के लिए डाकघर के चक्कर काटने पड़ रहे है। विकासखंड कीर्तिनगर की एक लाभार्थी ने बताया कि वह दो बार इस धनराशि के लिए नरेंद्रनगर के चक्कर काट चुकी है। डाकघर की ओर से दो सप्ताह पूर्व राष्ट्रीय बचत पत्र व अन्य कागज भी जमा करवा दिए गए है, किंतु उन्हें चेक बुक समाप्त होने की बात कहकर धनराशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। बताया कि उनके गांव से नरेंद्रनगर तक आने-जाने में दो दिन का समय खर्च होता है, साथ ही दो लोगों का नरेंद्रनगर तक का एक चक्कर का खर्चा करीब एक हजार से अधिक हो जाता है। दूसरी ओर डाकघर के प्रभारी पोस्टमास्टर अंकित पैन्यूली ने बताया कि जिन लाभर्थियों के बचत खाते डाकघरों में है, धनराशि उनके खातों में ट्रांसफर की जा रही है। जबकि अन्य लाभार्थियों को चेक के जरिये भुगतान किया जा रहा है। वर्तमान में चेक बुक की कमी के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है।
सरकार की गौरा कन्याधन योजना के तहत वर्ष 2011 में इंटर पास करने वाली छात्राओं को समाज कल्याण विभाग के माध्यम से 25 हजार की धनराशि दी जानी थी। योजना के लाभार्थियों को नरेंद्रनगर डाकघर की ओर से छह वर्षीय राष्ट्रीय बचत पत्र दिए गए। अब इन बचत पत्रों के परिपक्व होने पर उन्हें भुगतान के लिए डाकघर के चक्कर काटने पड़ रहे है। विकासखंड कीर्तिनगर की एक लाभार्थी ने बताया कि वह दो बार इस धनराशि के लिए नरेंद्रनगर के चक्कर काट चुकी है। डाकघर की ओर से दो सप्ताह पूर्व राष्ट्रीय बचत पत्र व अन्य कागज भी जमा करवा दिए गए है, किंतु उन्हें चेक बुक समाप्त होने की बात कहकर धनराशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। बताया कि उनके गांव से नरेंद्रनगर तक आने-जाने में दो दिन का समय खर्च होता है, साथ ही दो लोगों का नरेंद्रनगर तक का एक चक्कर का खर्चा करीब एक हजार से अधिक हो जाता है। दूसरी ओर डाकघर के प्रभारी पोस्टमास्टर अंकित पैन्यूली ने बताया कि जिन लाभर्थियों के बचत खाते डाकघरों में है, धनराशि उनके खातों में ट्रांसफर की जा रही है। जबकि अन्य लाभार्थियों को चेक के जरिये भुगतान किया जा रहा है। वर्तमान में चेक बुक की कमी के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है।
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