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पांडुकेश्वर में विराजमान हुए भगवान उद्धव और कुबेर जी
Updated Mon, 20 Nov 2017 10:34 PM IST
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जोशीमठ। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के बाद सोमवार को भगवान कुबेर और उद्धव अपने शीतकालीन पूजा स्थल पांडुकेश्वर पहुंच गए हैं। यहां उद्धव जी योग ध्यान मंदिर और भगवान कुबेर अपने मंदिर में विराजमान हो गए हैं। देव डोलियों के साथ पहुंची शंकराचार्य की गद्दी मंगलवार को नृसिंह मंदिर, जोशीमठ पहुंचेगी। उद्धव जी और कुबेर जी के पांडुकेश्वर पहुंचने पर यहां भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने देव डोलियों, रावल ईश्वरन नंबूदरी और धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल का फूल-मालाओं के साथ स्वागत किया।
सोमवार को बदरीनाथ में पूजा अर्चना के बाद भगवान कुबेर जी, उद्धव जी और शंकराचार्य जी की गद्दी को लेकर सैकड़ों श्रद्धालु सुबह 10 बजे पांडुकेश्वर के लिए रवाना हुए। तीनों उत्सव डोलियां बदरीनाथ रावल, धर्माधिकारी और सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ दोपहर 12 बजे योगध्यान मंदिर पांडुकेश्वर पहुंची। यहां स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने देव डोलियों का फूल मालाओं के साथ स्वागत किया। यहां आयोजित पूजा के बाद कुबेर जी की मूर्ति को कुबेर मंदिर तथा उद्धव जी की मूर्ति को योग ध्यान मंदिर के गर्भ गृह में प्रतिष्ठापित कर दिया गया है। अब आगामी छह माह तक भगवान कुबेर और उद्धव जी की शीतकालीन पूजा पांडुकेश्वर में संपन्न की जाएंगी। शंकराचार्य जी की गद्दी के साथ बदरीनाथ रावल मंगलवार को जोशीमठ पहुंचेंगे, जहां नृसिंह मंदिर में छह माह तक शंकराचार्य गद्दी की पूजा अर्चना की जाएगी। इस मौके पर बदरीनाथ केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, भूपेंद्र मैठाणी, सरला भंडारी, संगीता देवी, कमला देवी, विशेश्वरी मेहता और कुसुम मेहता आदि मौजूद थे।
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सोमवार को बदरीनाथ में पूजा अर्चना के बाद भगवान कुबेर जी, उद्धव जी और शंकराचार्य जी की गद्दी को लेकर सैकड़ों श्रद्धालु सुबह 10 बजे पांडुकेश्वर के लिए रवाना हुए। तीनों उत्सव डोलियां बदरीनाथ रावल, धर्माधिकारी और सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ दोपहर 12 बजे योगध्यान मंदिर पांडुकेश्वर पहुंची। यहां स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने देव डोलियों का फूल मालाओं के साथ स्वागत किया। यहां आयोजित पूजा के बाद कुबेर जी की मूर्ति को कुबेर मंदिर तथा उद्धव जी की मूर्ति को योग ध्यान मंदिर के गर्भ गृह में प्रतिष्ठापित कर दिया गया है। अब आगामी छह माह तक भगवान कुबेर और उद्धव जी की शीतकालीन पूजा पांडुकेश्वर में संपन्न की जाएंगी। शंकराचार्य जी की गद्दी के साथ बदरीनाथ रावल मंगलवार को जोशीमठ पहुंचेंगे, जहां नृसिंह मंदिर में छह माह तक शंकराचार्य गद्दी की पूजा अर्चना की जाएगी। इस मौके पर बदरीनाथ केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह, भूपेंद्र मैठाणी, सरला भंडारी, संगीता देवी, कमला देवी, विशेश्वरी मेहता और कुसुम मेहता आदि मौजूद थे।
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