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ठेकेदार के चंगुल से मुक्त कराए बाल मजदूर
Updated Sun, 19 Nov 2017 01:58 AM IST
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ठेकेदार के चंगुल से मुक्त कराए बाल मजदूर
-- नीलकंठ रोड पर चमंडीगाड़ में कराई जा रही थी मजूदरी
अमर उजाला ब्यूरो
जिला बाल कल्याण समिति, पौड़ी की अध्यक्ष ने बाल मजदूरी करवाने का मामला नीलकंठ रोड पर चमंडीगाड़ के समीप पकड़ा है, जिसमें नेपाली मूल के बच्चों से मजदूरी कराई जा रही थी। समिति की अध्यक्ष इंदु वशिष्ठ के मुताबिक सदस्य ऋषि कुमार ने उन्हें नीलकंठ रोड पर चमंडीगाड़ में नेपाली मूल के बच्चों से ठेकेदार द्वारा बाल मजदूरी कराए जाने की सूचना दी। जिसका संज्ञान लेते हुए उन्होंने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, तो बच्चे मजदूरी करते पाए गए।
लक्ष्मणझूला पुलिस को साथ लेकर शनिवार को समिति की टीम मौके पर पहुंची और बच्चों को ठेकेदार से मुक्त कराया। समिति अध्यक्ष इंदु ने बताया कि इस बाबत ठेकेदार से पूछताछ के दौरान वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। समिति ने पुलिस के माध्यम से बच्चों को बाल गृह भिजवाया। वहीं, इंदु वशिष्ठ ने आरोप लगाया कि उन्हें इसके बाद से ही ठेकेदार मोबाइल फोन पर धमकियां दे रहा है। इसकी शिकायत भी उन्होंने पुलिस से की है। इस पूरे प्रकरण से श्रम विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
उधर लक्ष्मणझूला थाने के उपनिरीक्षक विकास भारद्वाज ने ठेकेदार द्वारा बच्चों से काम करवाने की बात से इनकार किया है। कहा कि बच्चे माता-पिता के साथ निर्माण स्थल के पास रह रहे थे। बताया कि ठेकेदार से पूछताछ की जा रही है।
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-- नीलकंठ रोड पर चमंडीगाड़ में कराई जा रही थी मजूदरी
अमर उजाला ब्यूरो
जिला बाल कल्याण समिति, पौड़ी की अध्यक्ष ने बाल मजदूरी करवाने का मामला नीलकंठ रोड पर चमंडीगाड़ के समीप पकड़ा है, जिसमें नेपाली मूल के बच्चों से मजदूरी कराई जा रही थी। समिति की अध्यक्ष इंदु वशिष्ठ के मुताबिक सदस्य ऋषि कुमार ने उन्हें नीलकंठ रोड पर चमंडीगाड़ में नेपाली मूल के बच्चों से ठेकेदार द्वारा बाल मजदूरी कराए जाने की सूचना दी। जिसका संज्ञान लेते हुए उन्होंने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, तो बच्चे मजदूरी करते पाए गए।
लक्ष्मणझूला पुलिस को साथ लेकर शनिवार को समिति की टीम मौके पर पहुंची और बच्चों को ठेकेदार से मुक्त कराया। समिति अध्यक्ष इंदु ने बताया कि इस बाबत ठेकेदार से पूछताछ के दौरान वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। समिति ने पुलिस के माध्यम से बच्चों को बाल गृह भिजवाया। वहीं, इंदु वशिष्ठ ने आरोप लगाया कि उन्हें इसके बाद से ही ठेकेदार मोबाइल फोन पर धमकियां दे रहा है। इसकी शिकायत भी उन्होंने पुलिस से की है। इस पूरे प्रकरण से श्रम विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
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उधर लक्ष्मणझूला थाने के उपनिरीक्षक विकास भारद्वाज ने ठेकेदार द्वारा बच्चों से काम करवाने की बात से इनकार किया है। कहा कि बच्चे माता-पिता के साथ निर्माण स्थल के पास रह रहे थे। बताया कि ठेकेदार से पूछताछ की जा रही है।
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