फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   डबल इंजन से अटकी तीर्थनगरी की पेयजल योजना

डबल इंजन से अटकी तीर्थनगरी की पेयजल योजना

Mon, 13 Nov 2017 02:02 AM IST
Updated Mon, 13 Nov 2017 02:02 AM IST
विज्ञापन
डबल इंजन से अटकी तीर्थनगरी की पेयजल योजना
फोटो फाइल नेम-
विज्ञापन

केंद्र में अटकी यूआईडीएसएसएमटी के तहत पेयजल योजना
-- जल निगम ने 2014 में बनाया था 80.25 करोड़ का प्रस्ताव, एक लाख आबादी को मिलना था लाभ

हेमवती नंदन भट्ट
ऋषिकेश।
डबल इंजन की सरकार में तीर्थनगरी की पेयजल पुनर्गठन योजना अटक गई है। यूआईडीएसएसएमटी (अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम फॉर स्माल एंड मीडियम टाउंस) के तहत प्रस्तावित पेयजल योजना से शहर के हजारों लोगों के साथ ही यहां देश-दुनिया से आने वाले लाखों सैलानियों को लाभ मिलना था, लेकिन 80.25 करोड़ की महत्वाकांक्षी योजना करीब साढ़े तीन साल से लंबित पड़ी है, जिसे केंद्र सरकार मंजूरी नहीं दे रही है। जल निगम मुनिकीरेती डिवीजन की ओर से ऋषिकेश नगर क्षेत्र की पेयजल किल्लत के मद्देनजर पेयजल पुनर्गठन योजना तैयार की गई थी। यूआईडीएसएसएमटी के अंतर्गत स्कीम के तहत शहर के सभी 20 वॉर्डों के लगभग एक लाख की आबादी को सीधे तौर पर लाभ मिलना था, साथ ही वर्ष भर तीर्थनगरी में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भी पर्याप्त पेयजल उपलब्ध होना था। वहीं कुंभ व कांवड़ मेलों के समय श्रद्धालुओं को होने वाली पानी संबंधी दिक्कतों से निजात मिलनी थी।
विभाग द्वारा फरवरी-2014 में भारत सरकार को योजना का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेजी थी, जिसे नवंबर-2017 तक भी मंजूरी नहीं मिल पाई है। योजना के तहत गंगातटीय क्षेत्रों में पांच इंटेकवेल आई वैल के अलावा शहर के विभिन्न हिस्सों में 158 किलोमीटर वाटर सप्लाई लाइन बिछाने के साथ ही 12 ट्यूबवेल स्थापित किए जाने थे। पेयजल स्टोरेज के लिए 8 नए ओवरहेड टैंकों के निर्माण का प्रावधान किया गया था, जबकि दो पुराने ओवरहेड टैंक योजना के तहत उपयोग में लाए जाने थे।
विज्ञापन

शहर के कई इलाकों में अक्सर पेयजल संकट बना रहता है। जबकि कई इलाकों में वर्षों पुरानी पेयजल लाइनों के चलते दूषित पानी की शिकायतें आम हैं। क्षेत्र में पेयजल दिक्कतों से जूझने वाले इलाकों में मायाकुंड, चंद्रेश्वरनगर, सर्वहारानगर, बनखंडी, गोविंदनगर, कुम्हारबाड़ा, आदर्शग्राम, गंगानगर, सोमेश्वरनगर, आवास विकास कॉलोनी, वीरभद्र मार्ग, भैरव कॉलोनी आदि इलाके प्रमुखरूप से शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


--- कोट्स
यूआईडीएसएसएमटी स्कीम के तहत 2014 में वाटर सप्लाई स्कीम तैयार की गई थी, जिसके सर्वे व डीपीआर तैयार करने में विभागीय टीम को चार महीने का समय लगा था। प्रस्तावित पेयजल योजना से शहर की अगले 30 साल की स्थायी आबादी के साथ ही अस्थायी आबादी को भी लाभ मिलना था। योजना फिलहाल भारत सरकार में लंबित है, इस बाबत नगर पालिका समेत विभिन्न माध्यमों से कई पत्र भी केंद्र को भेजे जा चुके हैं, मगर फिलहाल सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी है। मंजूरी मिलने पर योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।
-- आरके सिंह, सहायक अभियंता, जल निगम मुनिकीरेती डिवीजन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed