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अतिक्रमणकारियों का गढ़ बना मुनिकीरेती क्षेत्र
Updated Mon, 13 Nov 2017 02:02 AM IST
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फोटो फाइल नेम-
अतिक्रमणकारियों का केंद्र बना मुनिकीरेती क्षेत्र
-- अतिक्रमण की जद में बस पार्किंग, रामझूला मार्ग, खारास्रोत
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। तीर्थनगरी का तीर्थक्षेत्र मुनिकीरेती अतिक्रमणकारियों का अड्डा बनता जा रहा है। वजह है टिहरी जिला प्रशासन, पुलिस व नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही। जगह-जगह पसरे अतिक्रमण से क्षेत्र में देश-दुनिया से आने वाले सैलानियों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। मुनिकीरेती क्षेत्र में कुंभ मेला बस पार्किंग क्षेत्र, खारास्रोत नदी का किनारा, आस्थापथ व शिवानंद रामझूला मार्ग जिला व पुलिस प्रशासन की अनदेखी के कारण अतिक्रमणकारियों का स्थायी ठिकाना बन गया है। क्षेत्र में जगह-जगह सार्वजनिक व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पसरे अतिक्रमणकारी देश-दुनिया से यहां गंगा स्नान, तीर्थ दर्शन, भ्रमण के लिए आने वाले सैलानियों के लिए मुसीबत साबित हो रहे हैं।
मुनिकीरेती क्षेत्र में शिवानंद राम झूला ब्रिज संपर्क मार्ग पर पहले ही अत्यधिक संकरा है। इसके बावजूद करीब छह सौ मीटर के इस पैच में दोनों ओर अतिक्रमणकारियों का स्थायी कब्जा हो गया है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर पुलिस व नगर पालिका द्वारा साल में अभियान चलाने की बात कही जाती है, मगर अतिक्रमणकारी टीम के वापस लौटते ही फिर से सड़क को घेरने लगते हैं।
नगर निकाय का ध्यान अतिक्रमणकारियों से तहबाजारी वसूल कर महज राजस्व अर्जित करने की ओर है। सार्वजनिक स्थानों पर पसरे अतिक्रमण से क्षेत्र में आने वाले तीर्थाटकों, पर्यटकों को होने वाली दिक्कतों से निकाय प्रशासन का कोई लेना देना नहीं। स्थानीय निवासी सुरेंद्र भंडारी, राकेश चौहान, संजय अग्रवाल आदि का कहना है कि तीर्थ क्षेत्र में जगह जगह पसरे अतिक्रमण के कारण यहां आने वाले सैलानियों को हर रोज दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं, लेकिन जिला प्रशासन व नगर पालिका कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
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अतिक्रमणकारियों का केंद्र बना मुनिकीरेती क्षेत्र
-- अतिक्रमण की जद में बस पार्किंग, रामझूला मार्ग, खारास्रोत
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। तीर्थनगरी का तीर्थक्षेत्र मुनिकीरेती अतिक्रमणकारियों का अड्डा बनता जा रहा है। वजह है टिहरी जिला प्रशासन, पुलिस व नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही। जगह-जगह पसरे अतिक्रमण से क्षेत्र में देश-दुनिया से आने वाले सैलानियों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। मुनिकीरेती क्षेत्र में कुंभ मेला बस पार्किंग क्षेत्र, खारास्रोत नदी का किनारा, आस्थापथ व शिवानंद रामझूला मार्ग जिला व पुलिस प्रशासन की अनदेखी के कारण अतिक्रमणकारियों का स्थायी ठिकाना बन गया है। क्षेत्र में जगह-जगह सार्वजनिक व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पसरे अतिक्रमणकारी देश-दुनिया से यहां गंगा स्नान, तीर्थ दर्शन, भ्रमण के लिए आने वाले सैलानियों के लिए मुसीबत साबित हो रहे हैं।
मुनिकीरेती क्षेत्र में शिवानंद राम झूला ब्रिज संपर्क मार्ग पर पहले ही अत्यधिक संकरा है। इसके बावजूद करीब छह सौ मीटर के इस पैच में दोनों ओर अतिक्रमणकारियों का स्थायी कब्जा हो गया है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर पुलिस व नगर पालिका द्वारा साल में अभियान चलाने की बात कही जाती है, मगर अतिक्रमणकारी टीम के वापस लौटते ही फिर से सड़क को घेरने लगते हैं।
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नगर निकाय का ध्यान अतिक्रमणकारियों से तहबाजारी वसूल कर महज राजस्व अर्जित करने की ओर है। सार्वजनिक स्थानों पर पसरे अतिक्रमण से क्षेत्र में आने वाले तीर्थाटकों, पर्यटकों को होने वाली दिक्कतों से निकाय प्रशासन का कोई लेना देना नहीं। स्थानीय निवासी सुरेंद्र भंडारी, राकेश चौहान, संजय अग्रवाल आदि का कहना है कि तीर्थ क्षेत्र में जगह जगह पसरे अतिक्रमण के कारण यहां आने वाले सैलानियों को हर रोज दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं, लेकिन जिला प्रशासन व नगर पालिका कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
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