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कम खनन की अनुमति से कारोबारियों, ट्रक संचालकों को भारी चपत
Updated Mon, 06 Nov 2017 10:46 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
श्यामपुर।
जिला प्रशासन के आदेश पर वन विकास निगम की ओर से खनन पट्टे खोले जाने के बावजूद खनन कारोबारियों की मुसीबत कम नहीं हुई है। खनन कारोबारियों का कहना है कि वन विकास निगम की ओर से ट्रकों को 90 क्विंटल ही खनन सामग्री दी जा रही है। इससे न तो उन्हें और न ही ट्रक संचालकों को ही फायदा हो रहा है। आलम यह है कि कई ट्रक चालकों ने वन विकास निगम में पंजीकरण कराने के बाद गाड़ियां अपने घरों में खड़ी कर ली हैं ।
उल्लेखनीय है कि श्यामपुर क्षेत्र के रवासन नदी और चिड़ियापुर नदी में वन विकास निगम की ओर से सरकारी खनन के पट्टे खोले गए हैं । लेकिन जिला प्रशासन ट्रक वाहन को 90 क्विंटल व ट्रैक्टर ट्रॉली को 75 क्विंटल खनन सामग्री ले जाने के लिए अनुमति दे रखी है। ऐसे में खनन सामग्री ले जा रहे वाहन मालिकों को नुकसान हो रहा है। कई वाहन मालिकों ने तो अपनी गाड़ी घर में खड़ी कर कर ली है। ट्रकों से ढुलाई नही होने से खनन कारोबारियों को भी भारी चपत लग रही है। दूसरी ओर वन विकास निगम के प्रभागीय अधिकारी धीरज सिंह नेगी का कहना है कि पिछले साल एक वाहन को 140 क्विंटल खनन सामग्री ले जाने की अनुमति दी गई थी । इस साल ट्रक को 90 क्विंटल और ट्रैक्टर ट्रॉली को 75 क्विंटल खनन सामग्री ले जाने की अनुमति दी गई है। रवासन गेट पर 200 गाड़ी रजिस्टर्ड हैं, लेकिन मौके पर 105 से 110 गाड़ियां ही खनन सामग्री लेने आ रही हैं। वन विकास निगम प्रभारी के मुताबिक ट्रकों की संख्या कम होने और कम खनन होने से विभाग को भी नुकसान हो रहा है।
पुलिस ने चलाया सघन जांच अभियान
दूसरी ओर खनन के दौरान ओवरलोडिंग को लेकर पुलिस प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। पुलिस की ओर से लगातार चेकिंग अभियान जारी है । एक क्विंटल अतिरिक्त खनन सामग्री होने पर भी पुलिस द्वारा गाड़ी का चालान कर दिया जाता है। थानाअध्यक्ष प्रदीप मिश्रा का कहना है एसएसपी के आदेश के मुताबिक ओवरलोडिंग किसी भी सूरत में नही होने दी जाएगी।
श्यामपुर।
जिला प्रशासन के आदेश पर वन विकास निगम की ओर से खनन पट्टे खोले जाने के बावजूद खनन कारोबारियों की मुसीबत कम नहीं हुई है। खनन कारोबारियों का कहना है कि वन विकास निगम की ओर से ट्रकों को 90 क्विंटल ही खनन सामग्री दी जा रही है। इससे न तो उन्हें और न ही ट्रक संचालकों को ही फायदा हो रहा है। आलम यह है कि कई ट्रक चालकों ने वन विकास निगम में पंजीकरण कराने के बाद गाड़ियां अपने घरों में खड़ी कर ली हैं ।
उल्लेखनीय है कि श्यामपुर क्षेत्र के रवासन नदी और चिड़ियापुर नदी में वन विकास निगम की ओर से सरकारी खनन के पट्टे खोले गए हैं । लेकिन जिला प्रशासन ट्रक वाहन को 90 क्विंटल व ट्रैक्टर ट्रॉली को 75 क्विंटल खनन सामग्री ले जाने के लिए अनुमति दे रखी है। ऐसे में खनन सामग्री ले जा रहे वाहन मालिकों को नुकसान हो रहा है। कई वाहन मालिकों ने तो अपनी गाड़ी घर में खड़ी कर कर ली है। ट्रकों से ढुलाई नही होने से खनन कारोबारियों को भी भारी चपत लग रही है। दूसरी ओर वन विकास निगम के प्रभागीय अधिकारी धीरज सिंह नेगी का कहना है कि पिछले साल एक वाहन को 140 क्विंटल खनन सामग्री ले जाने की अनुमति दी गई थी । इस साल ट्रक को 90 क्विंटल और ट्रैक्टर ट्रॉली को 75 क्विंटल खनन सामग्री ले जाने की अनुमति दी गई है। रवासन गेट पर 200 गाड़ी रजिस्टर्ड हैं, लेकिन मौके पर 105 से 110 गाड़ियां ही खनन सामग्री लेने आ रही हैं। वन विकास निगम प्रभारी के मुताबिक ट्रकों की संख्या कम होने और कम खनन होने से विभाग को भी नुकसान हो रहा है।
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पुलिस ने चलाया सघन जांच अभियान
दूसरी ओर खनन के दौरान ओवरलोडिंग को लेकर पुलिस प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। पुलिस की ओर से लगातार चेकिंग अभियान जारी है । एक क्विंटल अतिरिक्त खनन सामग्री होने पर भी पुलिस द्वारा गाड़ी का चालान कर दिया जाता है। थानाअध्यक्ष प्रदीप मिश्रा का कहना है एसएसपी के आदेश के मुताबिक ओवरलोडिंग किसी भी सूरत में नही होने दी जाएगी।
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