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राज्य संपति में शामिल होगा औली का क्लिप टॉप होटल
Updated Fri, 03 Nov 2017 10:38 PM IST
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गोपेश्वर। जिला मजिस्ट्रेट आशीष जोशी की अदालत ने लीज अनुबंध के उल्लंघन के मामले में औली स्थित होटल क्लिप टॉप को राज्य संपत्ति में शामिल करने के आदेश दिए हैं। आदेश के बाद जोशीमठ तहसील प्रशासन ने होटल को सील कर दिया है।
19 मार्च वर्ष 1974 को जोशीमठ निवासी इंद्र सिंह पुत्र अमर सिंह को जिला प्रशासन की ओर से औली में कृषि प्रयोजन के लिए 31 नाली भूमि लीज पर आवंटित की थी। इंद्र सिंह की मृत्यु के बाद उनके पुत्र विजय सिंह और पौत्र अरुण सिंह ने 11 अक्तूबर वर्ष 1996 में भूमि को स्की एंड स्नो रिजॉर्ट रामनगर के प्रबंधक अतुल शर्मा को 99 वर्ष के लिए किराए पर दे दिया, जबकि लीज और कृषि भूमि किराए पर नहीं दी जा सकती। जब वर्ष 2010 में मामले का खुलासा हुआ तो तत्कालीन जोशीमठ के एसडीएम ने मामले में लीज अनुबंध का उल्लंघन पाया और पट्टे के निरस्तीकरण के लिए जिला प्रशासन को लिखित रिपोर्ट सौंपी। इस पर डीएम ने पट्टा निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर रिपोर्ट गढ़वाल कमिश्नर को भेजी। कमिश्नर ने भी रिपोर्ट को आधार मानते हुए पट्टा निरस्त करने की संस्तुति दी। इसके बाद 20 सितंबर को जिला मजिस्ट्रेट आशीष जोशी की अदालत ने मामला लीज अनुबंध उल्लंघन का पाया। इस पर उन्होंने उक्त भूमि पर निर्मित भवन व अन्य निर्माण को राज्य संपत्ति में निहित करने के आदेश दे दिए। इसके बाद होटल को जोशीमठ तहसील प्रशासन से सील कर दिया।
19 मार्च वर्ष 1974 को जोशीमठ निवासी इंद्र सिंह पुत्र अमर सिंह को जिला प्रशासन की ओर से औली में कृषि प्रयोजन के लिए 31 नाली भूमि लीज पर आवंटित की थी। इंद्र सिंह की मृत्यु के बाद उनके पुत्र विजय सिंह और पौत्र अरुण सिंह ने 11 अक्तूबर वर्ष 1996 में भूमि को स्की एंड स्नो रिजॉर्ट रामनगर के प्रबंधक अतुल शर्मा को 99 वर्ष के लिए किराए पर दे दिया, जबकि लीज और कृषि भूमि किराए पर नहीं दी जा सकती। जब वर्ष 2010 में मामले का खुलासा हुआ तो तत्कालीन जोशीमठ के एसडीएम ने मामले में लीज अनुबंध का उल्लंघन पाया और पट्टे के निरस्तीकरण के लिए जिला प्रशासन को लिखित रिपोर्ट सौंपी। इस पर डीएम ने पट्टा निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर रिपोर्ट गढ़वाल कमिश्नर को भेजी। कमिश्नर ने भी रिपोर्ट को आधार मानते हुए पट्टा निरस्त करने की संस्तुति दी। इसके बाद 20 सितंबर को जिला मजिस्ट्रेट आशीष जोशी की अदालत ने मामला लीज अनुबंध उल्लंघन का पाया। इस पर उन्होंने उक्त भूमि पर निर्मित भवन व अन्य निर्माण को राज्य संपत्ति में निहित करने के आदेश दे दिए। इसके बाद होटल को जोशीमठ तहसील प्रशासन से सील कर दिया।
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