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बिन पानी कृषि छोड़ने को मजबूर किसान
Updated Sun, 29 Oct 2017 10:14 PM IST
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कर्णप्रयाग। जिलासू तहसील के बमौथ गांव में बिना पानी के किसान खेती छोड़ने को मजबूर हैं। यहां सालों से बनी सिंचाई विभाग की नहर क्षतिग्रस्त पड़ी है। तो अलकनंदा किनारे बना नलकूप शो पीस बनकर रह गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों और मुख्यमंत्री के घेराव के बावजूद हालात नहीं सुधर रहे हैं। ऐसे में बिना पानी के गांव में किसान खेती नहीं कर पा रहे हैं।
बमौथ ग्राम पंचायत के प्रधान प्रकाश रावत और क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रदीप लखेड़ा ने बताया कि गांव में करीब तीन हजार से अधिक नाली भूमि सिंचित है। इसके लिए सिंचाई विभाग की ओर से ढाई किमी लंबी नहर और नलकूप विभाग द्वारा अलकनंदा किनारे नलकूप लगाया गया, लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा नहर पर लगातार मरम्मत कार्य करने के बाद भी पिछले पांच साल से नहर पर पानी नहीं चला। बताया कि गांव के करीब तीन सौ परिवार सिर्फ खेती पर निर्भर हैं। कहना है कि नहर को चालू करन की मांग को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को गांव में बंधक भी बनाया गया। बावजूद विभाग आज तक नहर पर पानी नहीं चला पाया। दूसरी ओर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जेपी थपलियाल का कहना है कि नहर कुछ स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। जिसका जल्द निरीक्षण और मरम्मत कर पानी चालू करा दिया जाएगा।
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बमौथ ग्राम पंचायत के प्रधान प्रकाश रावत और क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रदीप लखेड़ा ने बताया कि गांव में करीब तीन हजार से अधिक नाली भूमि सिंचित है। इसके लिए सिंचाई विभाग की ओर से ढाई किमी लंबी नहर और नलकूप विभाग द्वारा अलकनंदा किनारे नलकूप लगाया गया, लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा नहर पर लगातार मरम्मत कार्य करने के बाद भी पिछले पांच साल से नहर पर पानी नहीं चला। बताया कि गांव के करीब तीन सौ परिवार सिर्फ खेती पर निर्भर हैं। कहना है कि नहर को चालू करन की मांग को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को गांव में बंधक भी बनाया गया। बावजूद विभाग आज तक नहर पर पानी नहीं चला पाया। दूसरी ओर सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जेपी थपलियाल का कहना है कि नहर कुछ स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। जिसका जल्द निरीक्षण और मरम्मत कर पानी चालू करा दिया जाएगा।
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