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श्रीनगर जल विद्युत परियोजना प्रभावित परियोजना कंपनी के खिलाफ करेंगे धरना प्रदर्शन
Updated Tue, 24 Oct 2017 10:26 PM IST
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श्रीनगर। जल विद्युत परियोजना प्रभावित 1 नवंबर से परियोजना कंपनी के खिलाफ असहयोग आंदोलन के तहत धरना प्रदर्शन करेंगे। प्रभावितों का आरोप है कि परियोजना कार्य पूर्ण हुए तीन वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन प्रभावितों की समस्याओं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मंगलवार को श्रीनगर जल विद्युत परियोजना कंपनी प्रभावितों ने बैठक आयोजित कर कंपनी के खिलाफ असहयोग आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। गौरसाली के ग्राम प्रधान और परियोजना प्रभावित बासुदेव प्रसाद भट्ट ने कहा कि कंपनी पूर्व में किए गए अनुबंधों से मुकर रही है, जबकि अनुबंधों के संबंध में कंपनी प्रशासन सेे कई बार वार्ता की जा चुकी है। परियोजना प्रभावितों ने कंपनी प्रशासन से मांग की है कि पूर्व में किए गए अनुबंध के तहत जल विद्युत परियोजना कंपनी गढ़वाल विवि की तर्ज पर प्रत्येक परियोजना प्रभावित परिवार के एक सदस्य को शैक्षिक योग्यता के आधार पर रोजगार प्रदान करे। परियोजना प्रभावितों के लंबित भुगतानों को तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित करें। प्रभावितों ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी प्रशासन जल्द ही प्रभावितों की मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है तो 1 नवंबर से कंपनी के खिलाफ अहसयोग आंदोलन के तहत धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में राजेंद्र प्रसाद बहुगुणा, प्रमोद बिष्ट, महाबीर घिल्डियाल, अनीता देवी पुंडीर, मनोज कुमार जोशी, श्याम सिंह रावत, अनिल रावत, कीर्तिराम जुगराण, भूपेंद्र सिंह, हरीश चंद्र आदि मौजूद थे।
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मंगलवार को श्रीनगर जल विद्युत परियोजना कंपनी प्रभावितों ने बैठक आयोजित कर कंपनी के खिलाफ असहयोग आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की। गौरसाली के ग्राम प्रधान और परियोजना प्रभावित बासुदेव प्रसाद भट्ट ने कहा कि कंपनी पूर्व में किए गए अनुबंधों से मुकर रही है, जबकि अनुबंधों के संबंध में कंपनी प्रशासन सेे कई बार वार्ता की जा चुकी है। परियोजना प्रभावितों ने कंपनी प्रशासन से मांग की है कि पूर्व में किए गए अनुबंध के तहत जल विद्युत परियोजना कंपनी गढ़वाल विवि की तर्ज पर प्रत्येक परियोजना प्रभावित परिवार के एक सदस्य को शैक्षिक योग्यता के आधार पर रोजगार प्रदान करे। परियोजना प्रभावितों के लंबित भुगतानों को तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित करें। प्रभावितों ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी प्रशासन जल्द ही प्रभावितों की मांगों पर कार्रवाई नहीं करती है तो 1 नवंबर से कंपनी के खिलाफ अहसयोग आंदोलन के तहत धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में राजेंद्र प्रसाद बहुगुणा, प्रमोद बिष्ट, महाबीर घिल्डियाल, अनीता देवी पुंडीर, मनोज कुमार जोशी, श्याम सिंह रावत, अनिल रावत, कीर्तिराम जुगराण, भूपेंद्र सिंह, हरीश चंद्र आदि मौजूद थे।
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