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एचआरडीए दो साल से कागजों में ध्वस्त कर रहा है अवैध निर्माण
Updated Tue, 24 Oct 2017 09:50 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
एचआरडीए हरकी पैड़ी के समीप भीमगोडा रोड के ऊपर डेंजर जोन घोषित पहाड़ी पर किए गए बहुमंजिला अवैध निर्माण में 14 अक्तूबर 2015 को कागजों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का आदेश देने के बाद चुप बैठ गया है।
ध्वस्तीकरण आदेश के दो साल बाद भी उस पर अमल नहीं हो पाया है। राज्यपाल व मुख्यमंत्री के आदेश के बाद 20 मई 2016 को निर्माणकर्ता को अनाधिकृत निर्माण 15 दिन के अंदर स्वयं ध्वस्त करने का अंतिम नोटिस दिया गया और फिर फाइल बंद कर दी गई। तत्कालीन वीसी ने 20 मई को अधिशासी अभियंता को स्वयं ध्वस्तीकरण कराने के लिए मजदूर तथा पुलिस आदि की व्यवस्था का निर्देश दिया। इन सब आदेशों पर अधिकारियों ने अमल नहीं किया। समाज सेवी रमेश चंद्र शर्मा प्रकरण को सूचना आयोग लेकर गए। मुख्य सूचना आयुक्त शत्रुघ्न सिंह ने प्रकरण को गंभीरता लिया और 3 अक्तूबर को उपाध्यक्ष तथा सचिव एचआरडीए को ध्वस्तीकरण की कार्रवई का आदेश दिया। इसके बाद भी एचआरडीए हरकत में नहीं आया है। मंगलवार को सचिव वंशीधर तिवारी ने बताया कि अवैध निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हर हाल में की जाएगी, परंतु कब की जाएगी यह उन्होंने अभी भी नहीं बताया है।
हरिद्वार।
एचआरडीए हरकी पैड़ी के समीप भीमगोडा रोड के ऊपर डेंजर जोन घोषित पहाड़ी पर किए गए बहुमंजिला अवैध निर्माण में 14 अक्तूबर 2015 को कागजों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का आदेश देने के बाद चुप बैठ गया है।
ध्वस्तीकरण आदेश के दो साल बाद भी उस पर अमल नहीं हो पाया है। राज्यपाल व मुख्यमंत्री के आदेश के बाद 20 मई 2016 को निर्माणकर्ता को अनाधिकृत निर्माण 15 दिन के अंदर स्वयं ध्वस्त करने का अंतिम नोटिस दिया गया और फिर फाइल बंद कर दी गई। तत्कालीन वीसी ने 20 मई को अधिशासी अभियंता को स्वयं ध्वस्तीकरण कराने के लिए मजदूर तथा पुलिस आदि की व्यवस्था का निर्देश दिया। इन सब आदेशों पर अधिकारियों ने अमल नहीं किया। समाज सेवी रमेश चंद्र शर्मा प्रकरण को सूचना आयोग लेकर गए। मुख्य सूचना आयुक्त शत्रुघ्न सिंह ने प्रकरण को गंभीरता लिया और 3 अक्तूबर को उपाध्यक्ष तथा सचिव एचआरडीए को ध्वस्तीकरण की कार्रवई का आदेश दिया। इसके बाद भी एचआरडीए हरकत में नहीं आया है। मंगलवार को सचिव वंशीधर तिवारी ने बताया कि अवैध निर्माण के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हर हाल में की जाएगी, परंतु कब की जाएगी यह उन्होंने अभी भी नहीं बताया है।
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