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धरातल पर नहीं उतर पाई घोषणाएं
Updated Sat, 21 Oct 2017 10:27 PM IST
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कर्णप्रयाग। पिछले पांच सालों में गौचर नगर पालिका क्षेत्र में कई बड़ी घोषणाएं तो की गई लेकिन यह आज तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। यहां घोषित इंजीनियरिंग कॉलेज हो या वैटनरी कालेज दोनों संस्थान केवल घोषणाओं तक सिमटे रहे, जबकि प्रदेश की बोली और भाषा को नए रूप देने के लिए खोला गया गढ़वाली बोली भाषा संस्थान केवल उद्घाटन समारोह तक ही सिमटा रहा।
हरिद्वार सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने गौचर में इंजीनियरिंग कालेज खोले जाने की घोषणा की थी, लेकिन कांग्रेस सरकार बनने के बाद यह घोषणा हवा हो गई। लोगों ने विरोध किया तो यहां कांग्रेस सरकार ने वैटनरी कालेज जैसे बड़े संस्थान को शुरू करने की बात कही, जिसके लिए नगर पालिका क्षेत्र के शैल में करीब 1200 नाली भूमि का चयन भी किया गया। इसके बाद से वैटनरी कालेज शुरू करने की अन्य कार्रवाई भी ठप हो गई। यही नहीं करीब एक वर्ष पूर्व गौचर में गढ़वाली बोली भाषा संस्थान का शुभारंभ किया गया, लेकिन सरकार बदलने के बाद संस्थान भी गुम हो गया। कर्णप्रयाग महाविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनिल कुमार का कहना है कि गौचर में बड़े संस्थान खुलने लायक जगह है। यदि गौचर में इंजीनियरिंग या वैटनरी जैसे संस्थान खुलते तो यहां पलायन रुकने के साथ ही युवाओं को करियर बनाने में बेहतर मौके मिलते। दूसरी ओर गौचर नगर पालिका के अध्यक्ष मुकेश नेगी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में वैटनरी कालेज के लिए भूमि चयन प्रक्रिया पूरी कर ली थी, जबकि योजना निर्माण के लिए टोकन मनी भी जारी की थी। साथ ही बोली भाषा संस्थान शुरू किया गया था, लेकिन सरकार बदलते ही दोनों योजनाएं बंद कर दी गईं। ऐसे में एक बार फिर जनता के साथ मिलकर संघर्ष किया जाएगा।
हरिद्वार सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने गौचर में इंजीनियरिंग कालेज खोले जाने की घोषणा की थी, लेकिन कांग्रेस सरकार बनने के बाद यह घोषणा हवा हो गई। लोगों ने विरोध किया तो यहां कांग्रेस सरकार ने वैटनरी कालेज जैसे बड़े संस्थान को शुरू करने की बात कही, जिसके लिए नगर पालिका क्षेत्र के शैल में करीब 1200 नाली भूमि का चयन भी किया गया। इसके बाद से वैटनरी कालेज शुरू करने की अन्य कार्रवाई भी ठप हो गई। यही नहीं करीब एक वर्ष पूर्व गौचर में गढ़वाली बोली भाषा संस्थान का शुभारंभ किया गया, लेकिन सरकार बदलने के बाद संस्थान भी गुम हो गया। कर्णप्रयाग महाविद्यालय के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनिल कुमार का कहना है कि गौचर में बड़े संस्थान खुलने लायक जगह है। यदि गौचर में इंजीनियरिंग या वैटनरी जैसे संस्थान खुलते तो यहां पलायन रुकने के साथ ही युवाओं को करियर बनाने में बेहतर मौके मिलते। दूसरी ओर गौचर नगर पालिका के अध्यक्ष मुकेश नेगी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में वैटनरी कालेज के लिए भूमि चयन प्रक्रिया पूरी कर ली थी, जबकि योजना निर्माण के लिए टोकन मनी भी जारी की थी। साथ ही बोली भाषा संस्थान शुरू किया गया था, लेकिन सरकार बदलते ही दोनों योजनाएं बंद कर दी गईं। ऐसे में एक बार फिर जनता के साथ मिलकर संघर्ष किया जाएगा।
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