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नगरपालिका की मिलीभगत रही स्कूल भी पर कब्जा कराने में
Updated Sat, 21 Oct 2017 10:06 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
भूपतवाला में प्राइमरी पाठशाला संख्या 44 के परिसर की भूमि पर अवैध कब्जा कराने में पूर्व में तत्कालीन नगरपालिका अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत रही है। नगरपालिका से इस भूमि की पत्रावलियां गायब करवाने के बाद धीरे-धीरे उस पर कब्जों को विस्तार दिया जा रहा है। आरोप है कि अब भाजपा नेता ने कब्जा पक्का करने के लिए अब भूमि के फर्जी कागजात बनवा लिए हैं।
1972 तक बेसिक से जूनियर हाईस्कूल तक की शिक्षा की व्यवस्था नगरपालिका परिषद के अधीन थी। शहरी क्षेत्र में प्राइमरी स्कूलों का निर्माण भी पालिका ने ही कराया था। प्राइमरी पाठशाला 44 का परिसर बहुत बड़ा है। इसके साथ की कुछ भूमि पानी की टंकी बनाने के लिए 90 के दशक में नगरपालिका ने मुआवजा देकर ली थी। जिस पर ओवरहेड टैंक बना है। जब इस भूमि पर भूमाफियों की नजर गढ़ी तो उसको बचाने के लिए तत्कालीन सभासद माया भाटी ने डीएम से पाठशाला तथा परिसर की भूमि की पैमाइश कराकर सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल करवाने की मांग की थी। जिस पर कुछ दिन तक हलचल होती रही, परंतु भूमाफियाओं ने सरकारी मशीनरी को चुप करा दिया। फिर विधायक निधि ने प्राइमरी स्कूल के अंदर ही सड़क का निर्माण करा दिया गया। पालिका की ओर से बनाया गया सरकारी स्कूल का गेट भी उखाड़ दिया गया। जिसके बाद अब आसपास के होटल, धर्मशाला तथा आश्रम में आने वाले यात्रियों की बसे तथा अन्य वाहन स्कूल परिसर में खड़े कराए जाते हैं। स्कूल परिसर के साथ ही गोशाला बनाए जाने से छात्र गोबर की दुर्गंध से परेशान रहते हैं। शिक्षकों की ओर से शिकायत करने के बाद भी अधिकारी कुछ करने का तैयार नहीं हैं।
हरिद्वार।
भूपतवाला में प्राइमरी पाठशाला संख्या 44 के परिसर की भूमि पर अवैध कब्जा कराने में पूर्व में तत्कालीन नगरपालिका अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत रही है। नगरपालिका से इस भूमि की पत्रावलियां गायब करवाने के बाद धीरे-धीरे उस पर कब्जों को विस्तार दिया जा रहा है। आरोप है कि अब भाजपा नेता ने कब्जा पक्का करने के लिए अब भूमि के फर्जी कागजात बनवा लिए हैं।
1972 तक बेसिक से जूनियर हाईस्कूल तक की शिक्षा की व्यवस्था नगरपालिका परिषद के अधीन थी। शहरी क्षेत्र में प्राइमरी स्कूलों का निर्माण भी पालिका ने ही कराया था। प्राइमरी पाठशाला 44 का परिसर बहुत बड़ा है। इसके साथ की कुछ भूमि पानी की टंकी बनाने के लिए 90 के दशक में नगरपालिका ने मुआवजा देकर ली थी। जिस पर ओवरहेड टैंक बना है। जब इस भूमि पर भूमाफियों की नजर गढ़ी तो उसको बचाने के लिए तत्कालीन सभासद माया भाटी ने डीएम से पाठशाला तथा परिसर की भूमि की पैमाइश कराकर सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल करवाने की मांग की थी। जिस पर कुछ दिन तक हलचल होती रही, परंतु भूमाफियाओं ने सरकारी मशीनरी को चुप करा दिया। फिर विधायक निधि ने प्राइमरी स्कूल के अंदर ही सड़क का निर्माण करा दिया गया। पालिका की ओर से बनाया गया सरकारी स्कूल का गेट भी उखाड़ दिया गया। जिसके बाद अब आसपास के होटल, धर्मशाला तथा आश्रम में आने वाले यात्रियों की बसे तथा अन्य वाहन स्कूल परिसर में खड़े कराए जाते हैं। स्कूल परिसर के साथ ही गोशाला बनाए जाने से छात्र गोबर की दुर्गंध से परेशान रहते हैं। शिक्षकों की ओर से शिकायत करने के बाद भी अधिकारी कुछ करने का तैयार नहीं हैं।
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