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दीपावली पर दिया स्वदेशी अपनाने का संदेश
Updated Fri, 20 Oct 2017 10:47 PM IST
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हरिद्वार। पतंजलि योगपीठ परिसर में दीपावली पर्व उल्लास के साथ मनाते हुए स्वदेशी को अपनाने पर बल दिया गया। स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने सैकड़ों साधकों के साथ यज्ञ और पूजन में भाग लिया।
इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा कि परमात्मा के प्रति प्रेम और आर्थिक समृद्धि से ही घर-परिवार खुशियों से भरता है। हर घर में दीप जैसी प्रसन्नता और प्रकाश पैदा हो पतंजलि के स्वदेशी अभियान का यही संकल्प है। उन्होंने कहा कि हम यदि अपनों को प्रेम करते हैं तो हर अवसर पर उन्हें शुद्ध व स्वदेशी उत्पाद ही भेंट करें, इससे देश वासियों तक शुद्धता की पहुंच बनेगी तथा स्वदेशी अपनाने से देश को लूट रहीं विदेशी कम्पनियों का दिवाला निकलेगा, देश में आर्थिक समृद्धि बढे़गी।
पतंजलि योगपीठ के महामंत्राी आचार्य बालकृष्ण ने कहा देश में प्रकाशोत्सव का असली स्वरूप तब प्रकट होगा, जब देशवासी विदेशी वस्तुओं से मुक्त होंगे तथा प्रत्येक जीवन में स्वदेशी प्रवाहित होगी। आचार्य ने कहा स्वदेशी एक चिंतनधरा है, जिससे देश के हर हुनरमंद को रोजगार मिलता है, हर गरीब तक उत्पादों की पहुंच बनती है तथा देश में आर्थिक समृद्धि बढ़ती है।
इस अवसर पर स्वामी रामदेव ने कहा कि परमात्मा के प्रति प्रेम और आर्थिक समृद्धि से ही घर-परिवार खुशियों से भरता है। हर घर में दीप जैसी प्रसन्नता और प्रकाश पैदा हो पतंजलि के स्वदेशी अभियान का यही संकल्प है। उन्होंने कहा कि हम यदि अपनों को प्रेम करते हैं तो हर अवसर पर उन्हें शुद्ध व स्वदेशी उत्पाद ही भेंट करें, इससे देश वासियों तक शुद्धता की पहुंच बनेगी तथा स्वदेशी अपनाने से देश को लूट रहीं विदेशी कम्पनियों का दिवाला निकलेगा, देश में आर्थिक समृद्धि बढे़गी।
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पतंजलि योगपीठ के महामंत्राी आचार्य बालकृष्ण ने कहा देश में प्रकाशोत्सव का असली स्वरूप तब प्रकट होगा, जब देशवासी विदेशी वस्तुओं से मुक्त होंगे तथा प्रत्येक जीवन में स्वदेशी प्रवाहित होगी। आचार्य ने कहा स्वदेशी एक चिंतनधरा है, जिससे देश के हर हुनरमंद को रोजगार मिलता है, हर गरीब तक उत्पादों की पहुंच बनती है तथा देश में आर्थिक समृद्धि बढ़ती है।
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