{"_id":"59d907694f1c1bb6678b49a1","slug":"150739548913-shrinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राकृतिक स्रोत को बचाने के लिए ग्रामीणों का अनशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राकृतिक स्रोत को बचाने के लिए ग्रामीणों का अनशन
Updated Sat, 07 Oct 2017 10:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रीनगर। प्राकृतिक जल स्रोत बचाने व पेयजल समस्या से निजात दिलाए जाने की मांग के लिए मालूपाणी के ग्रामीणों का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि पेयजल योजना के नाम पर प्राकृतिक जलस्रोत से छेड़छाड़ की जा रही है।
पैंडुला ग्राम पंचायत के अर्तगत मालूपाणी के दिनेश प्रसाद लखेड़ा व प्रताप मिंया मालूपाणी के ग्रामीणों की पेयजल समस्या के निस्तारण के लिए आंदोलित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मालूपाणी के ग्रामीण जिस प्राकृतिक स्रोत पर निर्भर हैं। उसके साथ पेयजल योजना के नाम पर छेड़छाड़ की जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। वहीं एसडीएम नुपुर वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जिम्मेदारी तहसीलदार को सौंपी गई है।
विज्ञापन
पैंडुला ग्राम पंचायत के अर्तगत मालूपाणी के दिनेश प्रसाद लखेड़ा व प्रताप मिंया मालूपाणी के ग्रामीणों की पेयजल समस्या के निस्तारण के लिए आंदोलित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मालूपाणी के ग्रामीण जिस प्राकृतिक स्रोत पर निर्भर हैं। उसके साथ पेयजल योजना के नाम पर छेड़छाड़ की जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। वहीं एसडीएम नुपुर वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जिम्मेदारी तहसीलदार को सौंपी गई है।
विज्ञापन