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आरएसएस के आत्म मंथन शिविर के दूसरे दिन वन संपदा के सरंक्षण पर हुई चर्चा
Updated Sat, 07 Oct 2017 10:31 PM IST
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गौचर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और उत्तरांचल उत्थान परिषद के दूूसरे दिन के सम्मेलन में ‘उत्तराखंड में स्वावलंबन के विकल्प’ विषय पर मंथन हुआ। सम्मेलन में वक्ताओं ने उत्तराखंड के परिपेक्ष्य में आदर्श ग्राम की परिकल्पना पर अपनी राय दी। कहा कि जलवायु परिवर्तन में मिश्रित वनों की भूमिका अहम है। इसके बाद पर्यावरणविद् जगत सिंह चौधरी जंगली की ओर से तैयार मिश्रित वनों का जायजा लिया।
नगरासू में शनिवार को सम्मेलन के दूसरे दिन आदर्श ग्राम की दिशा में सही नियोजन के मुद्दों पर चर्चा की गई। सामाजिक सहयोग से विकास की गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर विचार विमर्श के साथ ही देवभूमि में विधर्मी गतिविधियों के बढ़ने पर चिंता जताई गई। आरएसएस के अखिल भारतीय ग्राम विकास प्रमुख डा. दिनेश, संघ के सहप्रांत प्रचारक देवेंद्र और उत्तरांचल उत्थान परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष प्रेम बुड़ाकोटी ने जंगली के मिश्रित वनों को पर्यावरण संरक्षण का आदर्श नमूना बताते हुए वन संपदा के संरक्षण की परंपरा को लोगों की आजीविका से जोड़ने की जरूरत बताई। समाजसेवी डा. राम सिंह रावत, डा. हरपाल सिंह नेगी, बच्ची राम ढ़ौडियाल, डा. मोहन पंवार, रामचंद्र पैन्युली आदि ने जलवायु परिवर्तन में मिश्रित वनों की भूमिका को अहम बताया।
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