{"_id":"59d277874f1c1bd9538b5671","slug":"150696543317-haridwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शरद पूर्णिमा का महापर्व पांच अक्तूबर को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शरद पूर्णिमा का महापर्व पांच अक्तूबर को
Updated Mon, 02 Oct 2017 10:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
चांदनी रात में शरद पूर्णिमा का महापर्व पांच अक्तूबर को पड़ रहा है। इस बार व्रत और स्नान की पूर्णिमा एक ही दिन है। इस पूर्णिमा से कार्तिक स्थान भी प्रारंभ हो जाएगा। वर्ष में एक बार भरने वाले चंडी चौदस और शाकुंभरी देवी के मेले बुधवार को लगेंगे।
गौरतलब है कि मां चंडिका देवी का वर्णन देवी भागवत और दुर्गा सप्तशती में मिलता है। यही वह स्थल है जहां भगवती चंडिका ने दुष्ट राक्षसों का वध करने के बाद आकर विश्राम किया। मां चंडिका यहीं बस गई और दुनिया भर में चंडी देवी के नाम से विख्यात हुई। चंडी देवी के समीप ही बजरंग बली की माता अंजनी देवी का पवित्र स्थान स्थित है। मान्यता यह भी है कि बजरंग बली का बचपन भी इसी पर्वत माला में बीता। इसी पर्वत पर बैठकर भगवान शिव ने कनखल में हो रहा राजा दक्ष का यज्ञ और उसका विध्वंस देखा। इसी पर्वत पर भोलेनाथ ने विषपान करने के बाद गंगा स्नान कर शरीर की अग्रि शांत की थी। तभी से मां चंडी देवी का महत्व बड़ गया है। चौदस के दिन इस पर्वत पर भव्य मेला लगता है और हजारों भक्त मां के दर्शन करने पहुंचे है। इसी प्रकार समीपवर्ती वन स्थित शाकुंभरी देवी के मंदिर में मेला भरेगा। देश के अनेक भागों से श्रद्धालु दोनों देवियों के दर्शन करने के लिए पहुंचेंगे।
विज्ञापन
शरण पूर्णिमा के पश्चात अब केवल कार्तिक पूर्णिमा का स्नान और शेष रह जाएगा। शरद पूर्णिमा पर श्रद्धालु स्नान करेंगे और रात की चांदनी में बैठकर भगवान चंद्र देव से वरदान मांगेंगे। रात में चांद की रौशनी में मीठी खीर अथवा दूध में चावल के चौले मिलाकर घरों की छत पर रखे जाएंगे। मान्यता है कि चंद्रमा से टपकने वाला अमृत इस खीर में प्रवेश कर इसे आरोग्य ओषधी में बदल देगा। इस खीर के सेवन से अनेक प्रकार के रोग दूर हो जाते हैं। विशेष रूप से सांस के रोगों में इस दिन का खास महत्व है।
विज्ञापन