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डीएम ने सीएमओ को दिए अवैध रुप से चल रहे अल्ट्रासाउंड केंद्रों को सीज करने के निर्देश
Updated Tue, 26 Sep 2017 10:39 PM IST
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गोपेश्वर। भ्रूण लिंग परीक्षण की रोकथाम और पीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आयोजित बैठक में डीएम आशीष जोशी ने अल्ट्रासाउंड केंद्रों के दस्तावेजों की गहनता से जांच के निर्देश दिए। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए कि जिन अल्ट्रासाउंड मशीनों का नवीनीकरण नहीं हुआ है, उन्हें तत्काल सीज किया जाए।
जिला सभागार में आयोजित बैठक में डीएम आशीष जोशी ने कहा कि गैर कानूनी रूप से अल्ट्रासाउंड केंद्रों का संचालन करना तथा जन्म से पहले भ्रूण परीक्षण कराना जघन्य अपराध है। उन्होंने जोशीमठ, नारायणबगड़ व घाट ब्लॉक में 6 वर्ष के बालक-बालिकाओं के कम लिंगानुपात पर चिंता व्यक्त करते हुए लिंगानुपात में सुधार लाने के हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए। आशा कार्यकत्रियों के माध्यम से गांवों में गर्भवती महिलाओं का डाटा तैयार करने और जिन कारणों से गर्भवती महिला का अबोर्शन हुआ है, उन कारणों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया। सीएमओ डा. भागीरथी जंगपांगी ने बताया कि जिले में पांच सरकारी व दस प्राइवेट अल्ट्रासाउंड केंद्र हैं। कुछ निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों का लंबे समय से नवीनीकरण नहीं हुआ है, जिनमें से तीन केंद्रों को सीज कर दिया गया है।
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