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कई लोगों के रोजगार पर भारी पड़ गया क्षतिग्रस्त पुल
Updated Wed, 20 Sep 2017 09:43 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
श्यामपुर।
हरिद्वार- नजीबाबाद राजमार्ग पर चिड़ियापुर और आसपास के क्षेत्रों में खाने के ढाबों पर इन दिनों कारोबार ठप हो गया है। कोटावाली नदी के पुल के क्षतिग्रस्त होने से इस क्षेत्र में रोडवेज की बसों और अन्य भारी वाहनों का आवागमन बंद होने से यहां कारोबार प्रभावित हो रहा है। एक सौ से ज्यादा ढाबे और खाने-पीने के होटल चलाने वाले दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। दुकानदारों ने प्रशासन से जल्दी पुल ठीक कराने की अपील की है।
हरिद्वार-नजीबाबाद मार्ग पर कांगड़ी से लेकर चिड़ियापुर तक लगभग एक सौ ढाबे और दुकानें हैं। बस और ट्रक तथा अन्य वाहनों के चालक तथा यात्री इन दुकानों पर रुक कर खाना खाते हैं। इस रूट से भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने के बाद से ढाबों के मालिक व कर्मचारियों की रोजी रोटी पर संकट बना हुआ है।
गाजीवाली गांव के पास स्थित एक ढाबे के स्वामी जरनैल सिंह का कहना है कि कई कर्मचारी ढाबे पर काम करते हैं। जब से इस रूट पर वाहनों की आवाजाही बंद हुई है, जब से काम आधा भी नहीं रह गया है। कमाई तो दूर होटल का किराया देना भी मुश्किल हो रहा है। बाहर पीली ढाबा स्वामी मालिक कमल बिष्ट व नवीन का कहना है कि सैकड़ों परिवार इन ढाबों से होने वाली आमदनी पर निर्भर हैं, लेकिन इन दिनों सब परेशन हैं। इनमें से अधिकतर ढाबे वालों ने अपने कर्मचारियों की छुट्टी कर दी है। ढाबा मालिकों ने डीएम से पुल को जल्दी ही ठीक कराने की अपील की है। इधर पुल के निर्माण बेहद धीमी गति से चल रहा है।
श्यामपुर।
हरिद्वार- नजीबाबाद राजमार्ग पर चिड़ियापुर और आसपास के क्षेत्रों में खाने के ढाबों पर इन दिनों कारोबार ठप हो गया है। कोटावाली नदी के पुल के क्षतिग्रस्त होने से इस क्षेत्र में रोडवेज की बसों और अन्य भारी वाहनों का आवागमन बंद होने से यहां कारोबार प्रभावित हो रहा है। एक सौ से ज्यादा ढाबे और खाने-पीने के होटल चलाने वाले दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। दुकानदारों ने प्रशासन से जल्दी पुल ठीक कराने की अपील की है।
हरिद्वार-नजीबाबाद मार्ग पर कांगड़ी से लेकर चिड़ियापुर तक लगभग एक सौ ढाबे और दुकानें हैं। बस और ट्रक तथा अन्य वाहनों के चालक तथा यात्री इन दुकानों पर रुक कर खाना खाते हैं। इस रूट से भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने के बाद से ढाबों के मालिक व कर्मचारियों की रोजी रोटी पर संकट बना हुआ है।
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गाजीवाली गांव के पास स्थित एक ढाबे के स्वामी जरनैल सिंह का कहना है कि कई कर्मचारी ढाबे पर काम करते हैं। जब से इस रूट पर वाहनों की आवाजाही बंद हुई है, जब से काम आधा भी नहीं रह गया है। कमाई तो दूर होटल का किराया देना भी मुश्किल हो रहा है। बाहर पीली ढाबा स्वामी मालिक कमल बिष्ट व नवीन का कहना है कि सैकड़ों परिवार इन ढाबों से होने वाली आमदनी पर निर्भर हैं, लेकिन इन दिनों सब परेशन हैं। इनमें से अधिकतर ढाबे वालों ने अपने कर्मचारियों की छुट्टी कर दी है। ढाबा मालिकों ने डीएम से पुल को जल्दी ही ठीक कराने की अपील की है। इधर पुल के निर्माण बेहद धीमी गति से चल रहा है।
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