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हजारों श्रद्घालुओं ने घाटों पर किया पितृ विसर्जन
Updated Tue, 19 Sep 2017 11:03 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
मंगलवार को पितृ विसर्जनी अमावस्या के दिन हजारों भक्तों ने गंगा के घाटों पर पितरों को विदाई दी। सांयकाल गंगा तट पर जाकर दीप जलाए गए। घरों में हजारों ने पितरों का विसर्जन किया। बुधवार को भी पितृ विसर्जनी अमावस्या मनाई जाएगी।
तिथियों में मतभेद के चलते इस बाद पितृ विसर्जन दो दिन किया जा रहा है। चूंकि बुधवार को अमावस्या तिथि 12 बजे से पहले समाप्त हो जाएगी, अत: अधिकांश भागों में आज ही पितृ विसर्जनी मनाई गई। श्रद्धालुओं ने हरकी पैडी पर गंगा स्नान करने के बाद कुशावर्त घाट नारायणी शिला जाकर पितृ विसर्जन किया। जो श्रद्धालु सभी 16 दिन श्राद्ध नहीं करते उन्होंने ने भी अमावस्या के दिन पितरों का श्राद्ध तर्पण किया। बाद में पितरों के निमित्त ब्राह्मणों को भोजन कराया गया। पंचपुरी के जो श्रद्धालु घरों में श्राद्ध करते हैं, उन्होंने आज के तिथि श्राद्ध के साथ-साथ अन्य सभी पितरों का श्राद्ध कर ऋण मुक्ति पाई। श्रद्धालुओं ने पितृ वंश के साथ-साथ मातृ वंश और गुरु वंश का भी श्राद्ध किया। पंचपुरी में परंपरा है कि पितरों को विदा करने के बाद ब्राह्मण को यज्ञा शक्ति वस्त्र, पात्र आदि प्रदान किए जाते है। सांयकाल हरिद्वार, कनखल और ज्वालापुर के अनेक घाटों पर पितरों के लिए दीपक जलाये गए। यह परम्परा कनखल में अधिक है।
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पितरों का आगमन पूर्णिमा के दिन हुआ था। मंगलवार को विदाई थी। पितृ श्राद्ध,नारायणी कर्म तथा कालसर्प योग का निवारण भी कराया गया। नारायणी शिला पर इतनी अधिक भीड़ थी कि पूरा परिसर खचाखच भर जाने के बाद श्रद्धालु नगर निगम प्रांगण, भल्ला मैदान और गणेश घाट पर भी श्राद्घ करते हुए नजर आए। पंचपुरी के घरों से पितरों को विदा देने कार्य कुछ भागों में बुधवार को होगा। इन भागों में दीपक भी सांयकाल बुधवार को ही जलाए जाएंगे।
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