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रैफर सेंटर बना जिला चिकित्सालय, आठ माह में 511 मरीज हुए रैफर
Updated Fri, 15 Sep 2017 10:35 PM IST
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गोपेश्वर। चमोली का जिला अस्पताल रेफरल सेंटर बनकर रह गया है। दो सालों से अस्पताल में सर्जन की तैनाती नहीं हुई है जिससे यहां एक भी ऑपरेशन नहीं हो पाया है, जबकि आठ माह में 511 मरीजों को रेफर किया जा चुका है।
गोपेश्वर जिला अस्पताल में एक दशक से चिकित्सकों का टोटा बना है। स्थिति यह है कि सर्जन व विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने से बीते दो सालों से कोई ऑपरेशन नहीं हो पाया है। चालू वर्ष के जनवरी से अगस्त माह तक जिला अस्पताल से 103 गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए रेफर कर चुके हैं। 42 दुर्घटना में घायल तथा 408 सामान्य मरीजों को उपचार के लिए जिले से बाहर के अस्पतालों में रेफर कर चुके हैं। हालांकि बीते दिनों सरकार की ओर से एक सर्जन सहित चार डॉक्टरों को जिला अस्पताल में तैनात किया गया था, लेकिन तैनात डॉक्टरों में से तीन डॉक्टर अवकाश पर चल हैं। वहीं सीएमएस डा. विराज शाह का कहना है कि जल्द ही जिला अस्पताल में सर्जन की तैनाती हो जाएगी। निदेशालय स्तर पर इस संबंध में वार्ता चल रही है। सीमित चिकित्सकों से ही स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के लिए भी निदेशालय से लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
गोपेश्वर जिला अस्पताल में एक दशक से चिकित्सकों का टोटा बना है। स्थिति यह है कि सर्जन व विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने से बीते दो सालों से कोई ऑपरेशन नहीं हो पाया है। चालू वर्ष के जनवरी से अगस्त माह तक जिला अस्पताल से 103 गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए रेफर कर चुके हैं। 42 दुर्घटना में घायल तथा 408 सामान्य मरीजों को उपचार के लिए जिले से बाहर के अस्पतालों में रेफर कर चुके हैं। हालांकि बीते दिनों सरकार की ओर से एक सर्जन सहित चार डॉक्टरों को जिला अस्पताल में तैनात किया गया था, लेकिन तैनात डॉक्टरों में से तीन डॉक्टर अवकाश पर चल हैं। वहीं सीएमएस डा. विराज शाह का कहना है कि जल्द ही जिला अस्पताल में सर्जन की तैनाती हो जाएगी। निदेशालय स्तर पर इस संबंध में वार्ता चल रही है। सीमित चिकित्सकों से ही स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के लिए भी निदेशालय से लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
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