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मथाना में तटबंध बना, कांगड़ी में पुलिस ने रोका
Updated Tue, 05 Sep 2017 11:19 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
सिंचाई खंड हरिद्वार ने गंगा नदी के बहाव में टूटे गांव मोहम्मदपुर मथाना के तटबंध की मरम्मत करा दी है। जबकि कांगड़ी गांव को नदी के कटाव से बचाने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से शुरू कराया गया बाढ़ सुरक्षा दीवार को का काम थाना श्यामपुर पुलिस ने रोक दिया है। पुलिस ने अवैध खनन का आरोप लगाते हुए काम रोका है। इसको शुरू कराने के लिए अब सिंचाई खंड के अधिकारी जिलाधिकारी से विशेष अनुमति प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।
अधिशासी अभियंता आरके तिवारी ने बताया कि ग्राम कांगड़ी को गंगा नदी के कटाव से बचाने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने के लिए जेसीबी से खुदाई का काम शुरू कराया गया था। लेकिन थाना श्यामपुर पुलिस ने गंगा नदी में खनन पर रोक का हवाला देकर रविवार को काम बंद करा दिया था। उन्होंने बताया कि विभाग अब जनहित में सुरक्षा दीवार बनाने के लिए पत्थर तथा अन्य निर्माण सामग्री निकालने के लिए जिलाधिकारी से अनुुमति लेगा। सुरक्षा दीवार के निर्माण पर लगभग 30 लाख रुपये लागत आएगी। गांव तथा खेती को बचाने के लिए सुरक्षा दीवार का बनाया जाना जरूरी है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि गांव मथाना में कटाव रोकने के लिए गंगा नदी पर 30 मीटर लंबा अस्थायी वायरक्रेट का काम पूरा हो चुका है। गांव मथाना में गंगा नदी के कटाव को लेकर ग्रामीण पदम सिंह व तनवीर का कहना है कि गांव के लिए यह समस्या पीडब्ल्यूडी द्वारा गांव सिकंदरपुर में पुल बनाने के बाद से पैदा हुई है। उन्होंने बताया कि पुल की लंबाई कम होने से पानी के दबाव से बांध टूटता है और पानी ओवरफ्लो होने लगता है। इसका स्थायी समाधान पुल की लंबाई को बढ़ाने से हो सकता है। पुल का निर्माण लगभग 7 साल पूूर्व हुआ था। इसके बाद ही मथाना के लिए संकट पैदा होने लगा है।
हरिद्वार।
सिंचाई खंड हरिद्वार ने गंगा नदी के बहाव में टूटे गांव मोहम्मदपुर मथाना के तटबंध की मरम्मत करा दी है। जबकि कांगड़ी गांव को नदी के कटाव से बचाने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से शुरू कराया गया बाढ़ सुरक्षा दीवार को का काम थाना श्यामपुर पुलिस ने रोक दिया है। पुलिस ने अवैध खनन का आरोप लगाते हुए काम रोका है। इसको शुरू कराने के लिए अब सिंचाई खंड के अधिकारी जिलाधिकारी से विशेष अनुमति प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं।
अधिशासी अभियंता आरके तिवारी ने बताया कि ग्राम कांगड़ी को गंगा नदी के कटाव से बचाने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने के लिए जेसीबी से खुदाई का काम शुरू कराया गया था। लेकिन थाना श्यामपुर पुलिस ने गंगा नदी में खनन पर रोक का हवाला देकर रविवार को काम बंद करा दिया था। उन्होंने बताया कि विभाग अब जनहित में सुरक्षा दीवार बनाने के लिए पत्थर तथा अन्य निर्माण सामग्री निकालने के लिए जिलाधिकारी से अनुुमति लेगा। सुरक्षा दीवार के निर्माण पर लगभग 30 लाख रुपये लागत आएगी। गांव तथा खेती को बचाने के लिए सुरक्षा दीवार का बनाया जाना जरूरी है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि गांव मथाना में कटाव रोकने के लिए गंगा नदी पर 30 मीटर लंबा अस्थायी वायरक्रेट का काम पूरा हो चुका है। गांव मथाना में गंगा नदी के कटाव को लेकर ग्रामीण पदम सिंह व तनवीर का कहना है कि गांव के लिए यह समस्या पीडब्ल्यूडी द्वारा गांव सिकंदरपुर में पुल बनाने के बाद से पैदा हुई है। उन्होंने बताया कि पुल की लंबाई कम होने से पानी के दबाव से बांध टूटता है और पानी ओवरफ्लो होने लगता है। इसका स्थायी समाधान पुल की लंबाई को बढ़ाने से हो सकता है। पुल का निर्माण लगभग 7 साल पूूर्व हुआ था। इसके बाद ही मथाना के लिए संकट पैदा होने लगा है।
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