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आंचल डेरी श्रीनगर की आर्थिक स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब
Updated Thu, 31 Aug 2017 10:20 PM IST
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श्रीनगर। गढ़वाल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लि. की आंचल डेरी की व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ रही हैं।
पिछले दो साल में कर्मचारियों को सिर्फ 5 माह ही वेतन मिल पाया है।
डेरी मेें श्रीनगर और कोटद्वार समेत अन्य स्थानों में 42 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। जबकि 11 कर्मचारी संविदा पर तैनात हैं, जिनका मानदेय राज्य सरकार देती है। वहीं 42 की सैलरी आंचल डेरी की कमाई से निकाली जाती है, लेकिन पिछले 2 साल में कर्मचारियों को सिर्फ 5 माह की तनख्वाह निकल पाई है। वर्ष 2016-17 में 7 माह की सैलरी नहीं मिली। जबकि वर्ष 2017-18 में अभी तक वेतन नहीं मिला है। मामले में अध्यक्ष गढ़वाल दुग्ध संघ हरेंद्र पाल सिंह नेगी का कहना है कि कर्मचारियों के 4 माह के वेतन के लिए सहकारिता मंत्री ने आश्वस्त किया है। डेरी को घाटे से उबारने के लिए मंथन चल रहा है।
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पिछले दो साल में कर्मचारियों को सिर्फ 5 माह ही वेतन मिल पाया है।
डेरी मेें श्रीनगर और कोटद्वार समेत अन्य स्थानों में 42 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। जबकि 11 कर्मचारी संविदा पर तैनात हैं, जिनका मानदेय राज्य सरकार देती है। वहीं 42 की सैलरी आंचल डेरी की कमाई से निकाली जाती है, लेकिन पिछले 2 साल में कर्मचारियों को सिर्फ 5 माह की तनख्वाह निकल पाई है। वर्ष 2016-17 में 7 माह की सैलरी नहीं मिली। जबकि वर्ष 2017-18 में अभी तक वेतन नहीं मिला है। मामले में अध्यक्ष गढ़वाल दुग्ध संघ हरेंद्र पाल सिंह नेगी का कहना है कि कर्मचारियों के 4 माह के वेतन के लिए सहकारिता मंत्री ने आश्वस्त किया है। डेरी को घाटे से उबारने के लिए मंथन चल रहा है।