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मांगे नहीं मानी गईं तो आगामी कार्यकमों का करेंगी बहिष्कार
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:36 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। आशा कार्यकत्रियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो वह स्वास्थ्य विभाग के सभी कार्यक्रमों को बहिष्कार करेंगी। आशा कार्यकत्रियों ने रैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
बुधवार को जिलेभर की आशाएं आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री संगठन के बैनर तले ऋषिकुल मैदान में एकत्र हुई। यहां से रैली के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। इस मौके पर संगठन के प्रदेश महामंत्री अनिल राठी ने कहा कि प्रदेश की समस्त आशाओं का मानदेय 18 हजार रुपये मासिक होने के साथ पीएफ, ईएसआई व पेंशन से जोड़ा जाए। दुर्घटनाग्रस्त होने पर आशा कार्यकत्रियों को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, उनके लिए विश्राम स्थल, योग्यताधारी आशा कार्यकत्रियों को एएनएम के लिए प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड स्वास्थ्य चिकित्सा परिसर कल्याण विभाग द्वारा 2 हजार की प्रोत्साहन राशि के लिए 27 अक्तूबर 2016 को राज्य सरकार ने आदेश पारित किया था, जोकि नवंबर 2016 से मिलना था, लेकिन यह भी अभी तक जारी नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि आशाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए उनका शोषण किया जा रहा है, जिसे कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। जिला महामंत्री डीसी नौटियाल और मंत्री ममता शर्मा ने कहा कि आशाओं से सरकार 43 प्रकार के कार्य लेती है। जिनको आशाएं समय से करती है, लेकिन सरकार उनकी मूलभूत मांगों पर आंखें मूंदे है। इस मौके पर नीतू चौहान, रीता, कविता, शोभा भटनागर, रीता भार्गव, सुनीता यादव, मीरा, ममता, किरण, रेखा जैन, यशोदा, नेमवती, शरबरी, सविता चौहान, राजकुमारी, नीलम, हेमा जोशी, सोम्या सक्सेना, शहनाज, शबाना, फिरदोष, फरजाना, दर्शन चौहान आदि शामिल हुए।
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हरिद्वार। आशा कार्यकत्रियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो वह स्वास्थ्य विभाग के सभी कार्यक्रमों को बहिष्कार करेंगी। आशा कार्यकत्रियों ने रैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया और डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
बुधवार को जिलेभर की आशाएं आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री संगठन के बैनर तले ऋषिकुल मैदान में एकत्र हुई। यहां से रैली के रूप में जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। इस मौके पर संगठन के प्रदेश महामंत्री अनिल राठी ने कहा कि प्रदेश की समस्त आशाओं का मानदेय 18 हजार रुपये मासिक होने के साथ पीएफ, ईएसआई व पेंशन से जोड़ा जाए। दुर्घटनाग्रस्त होने पर आशा कार्यकत्रियों को पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, उनके लिए विश्राम स्थल, योग्यताधारी आशा कार्यकत्रियों को एएनएम के लिए प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड स्वास्थ्य चिकित्सा परिसर कल्याण विभाग द्वारा 2 हजार की प्रोत्साहन राशि के लिए 27 अक्तूबर 2016 को राज्य सरकार ने आदेश पारित किया था, जोकि नवंबर 2016 से मिलना था, लेकिन यह भी अभी तक जारी नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि आशाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए उनका शोषण किया जा रहा है, जिसे कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा। जिला महामंत्री डीसी नौटियाल और मंत्री ममता शर्मा ने कहा कि आशाओं से सरकार 43 प्रकार के कार्य लेती है। जिनको आशाएं समय से करती है, लेकिन सरकार उनकी मूलभूत मांगों पर आंखें मूंदे है। इस मौके पर नीतू चौहान, रीता, कविता, शोभा भटनागर, रीता भार्गव, सुनीता यादव, मीरा, ममता, किरण, रेखा जैन, यशोदा, नेमवती, शरबरी, सविता चौहान, राजकुमारी, नीलम, हेमा जोशी, सोम्या सक्सेना, शहनाज, शबाना, फिरदोष, फरजाना, दर्शन चौहान आदि शामिल हुए।
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