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जिठांई के जागरों से गूंजी कपीरी पट्टी, लोगों की देवी की पूजा अर्चना
Updated Tue, 29 Aug 2017 10:36 PM IST
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कर्णप्रयाग। कनखुल तल्ला के सिद्धपीठ जिठांई देवी मंदिर में चल रहे तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान और मेले में जिठांई के जागरों से कपीरी पट्टी गुंजायमान रही। मंदिर में जहां श्रद्धालुओं ने देवी की पूजा की, तो मेला पांडाल में स्कूली बच्चों और कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। लोक जागृति विकास संस्था के जितेंद्र कुुमार के मां जिठांई देवी के जागरों की प्रस्तुति पर लोग खूब झूमे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राजकीय प्राथमिक विद्यालय कनखुल तल्ला, ग्वाड़, जीआईसी कनखुल के छात्र-छात्राओं के साथ महिला मंगल दल कनखुल मल्ला और तल्ला सहित डोंठला और ग्वाड़ की महिलाओं ने लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। इसके बाद लोक जागृति विकास संस्था के जितेंद्र कुमार ने पैंतासार ह्वेगे जिठांई तेरो जमौंण निशाण..., जै जै जिठांई मां तु आशीष दे... सहित कई जागरों की प्रस्तुति देकर समां बांधा। वहीं सुरेंद्र कमांडर ने लोक गीतों के साथ ही गढ़वाली चुटकलों से दर्शकों का मनोरंजन किया। पूर्व मंदिर में मां जिठांई देवी पूजा के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे। महिलाओं ने देवी को शृंगार सामग्री अर्पित की तो देवताओं के पश्वाओं ने देवनृत्य किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रधान संगठन के अध्यक्ष खिलदेव रावत ने कहा कि हर तीन साल में होने इस कार्यक्रम को आपसी सहयोग से भव्य बनाया जा सकता है। कार्यक्रम आयोजन समिति के अध्यक्ष आनंद सिंह कंडवाल, महामंत्री भरत सिंह, प्रबंधक नरेंद्र सिंह, विशन चौधरी, बलबीर कंडवाल, कुंदन सिंह, अनुसूया बिष्ट, दशरथ कंडवाल, भगवान कंडवाल और आरएस कंडवाल आदि मौजूद थे।
नंदा की डोली पहुंची ल्वाड़ी गांव
देवाल। बधाड़ की ईष्ट देवी नंदा की डोली मंगलवार को ल्वाड़ी गांव पहुंची। यहां देवी का लोगों ने पारंपरिक स्वागत किया। इससे पूर्व वांक गांव में देवी नंदा की पूजा की गई और डोली लोहाजंग, मुंदोली, हरनी गांव होते रात्रि विश्राम के लिए देर शाम ल्वाड़ी गांव पहुंची। इस अवसर पर ल्वाड़ी में आयोजित तीन दिवसीय सेलपाती महोत्सव का भी समापन हो गया। महोत्सव में आसपास के गांवों के ग्रामीण भारी संख्या में पहुंचे थे। इस अवसर पर मानसिंह, नरेंद्र सिंह, हयात सिंह बिष्ट, त्रिलोक सिंह बिष्ट, महिपाल सिंह और खुशाल सिंह सहित कई ग्रामीणों ने पूजा की।
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पुष्पवर्षा और जागर गीतों के साथ कालिंका देवी को दी विदाई
गौचर। तीन दिनों तक हवाई पट्टी स्थित पनाई सेरा मंदिर (मायके) में रहने के बाद भटनगर की कालिंका देवी मंगलवार देर शाम भटनगर (ससुराल) के लिए विदा हो गईं। देवी को ससुराल के लिए विदा हुए बड़ी संख्या में भक्तों ने उनसे आशीर्वाद लिया और खुशहाली की कामना की। भटनगर की कालिंका देवी 26 अगस्त को मायके पनाई सेरा मंदिर पहुंची थीं। तीन दिनों तक पनाई सेरा मंदिर में धियाणियों ने भजन-कीर्तन के साथ देवी की पूजा की। मंगलवार देर शाम को देवी उपासना के साथ भक्तों ने देवी को ससुराल भटनगर कालिंका मंदिर के लिए विदा किया तो माहौल भावुक हो उठा। ढोल नगाड़ों, पुष्पवर्षा, मांगल और जागर गीतों के साथ देवी अपने भाई रावलनगर के लाटू देवता की अगुवाई में ससुराल के लिए विदा की गईं। बहन को ससुराल विदा करने के बाद लाटू देवता को देर शाम रावलनगर मंदिर पहुंचाया गया।
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लोकगीत में सिरोंसार और आला ने मारी बाजी
तीन दिवसीय नंदा देवी पर्यटन विकास मेले का समापन
अमर उजाला ब्यूरो
घाट।
पर्यटन स्थली रामणी में तीन दिनों से चल रहे नंदा देवी पर्यटन विकास मेले के अंतिम दिन विभिन्न सांस्कृतिक और खेल प्रतियोगिताएं हुईं। मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख कर्ण सिंह ने विजेता टीमों को पुरस्कृत किया।
27 अगस्त को दशोली की मां नंदा के रामणी गांव में प्रवेश करने के बाद यहां नंदा देवी पर्यटन विकास मेला शुरू हुआ था। मेले के दौरान लोकगीत प्रतियोगिता में ममंद सिरोंसार व युमंद आला ने प्रथम, घूनी व कुमजुग ने द्वितीय और पडेरगांव व रामणी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। लोकनृत्य में ममंद सिरोंसार व युमंद लुण्तरा ने प्रथम, ममंद सुंग व युमंद सुंग ने द्वितीय तथा ममंद चरबंग व युमंद चरबंग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वॉलीबाल में युमंद बंगाली विजेता और युमंद भेंटा उपविजेता रहा। कबड्डी में प्राथमिक विद्यालय ग्वाड़ ने प्रथम, जूनियर हाईस्कूल रामणी ने द्वितीय व जूहा स्कूल सुंग-ल्वाणी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कैरम सिंगल में योगेंद्र, गांव नारंगी ने प्रथम व भरत सिंह गांव पेरी द्वितीय रहे। कैरम डबल में रामणी के हरीश भंडारी विजेता रहे। इस मौके पर मेला अध्यक्ष मोहन सिंह पंवार, सूरज सिंह पंवार, प्रधान रामणी सुलोचना देवी, कृपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, हयात सिंह, मकर सिंह, राजेंद्र सिंह, भागवत सिंह, रणजीत सिंह, स्वांरी देवी, राकेश सिंह, कुंवर लाल और भजन सिंह आदि मौजूद थे। संचालन विक्रम सिंह ने किया।
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मंदिर में विराजमान हुईं दशोली की मां नंदा
घाट। दशोली की मां नंदा मंदिर में विराजमान हो गई हैं। मंदिर परिसर में मां नंदा के दर्शनों को पहुंचे भक्तों ने परिवार की कुशलता की कामना की। मंगलवार सुबह नौ बजे पूजा के बाद रामणी गांव से दशोली की मां नंदा की डोली ने सिद्धपीठ कुरुड़ के लिए प्रस्थान किया। विभिन्न गांवों से होते हुए मां नंदा की डोली शाम पांच बजे अपने मूल मंदिर में पहुंची। भक्तों को दर्शन देने के बाद मां नंदा मंदिर में विराजमान हो गईं। इस मौके पर पंडित मुंशी चंद्र, दिनेश प्रसाद, सुभाष, मंशाराम गौड़, विजय प्रसाद, शंभू प्रसाद और विपिन चंद्र आदि मौजूद थे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राजकीय प्राथमिक विद्यालय कनखुल तल्ला, ग्वाड़, जीआईसी कनखुल के छात्र-छात्राओं के साथ महिला मंगल दल कनखुल मल्ला और तल्ला सहित डोंठला और ग्वाड़ की महिलाओं ने लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। इसके बाद लोक जागृति विकास संस्था के जितेंद्र कुमार ने पैंतासार ह्वेगे जिठांई तेरो जमौंण निशाण..., जै जै जिठांई मां तु आशीष दे... सहित कई जागरों की प्रस्तुति देकर समां बांधा। वहीं सुरेंद्र कमांडर ने लोक गीतों के साथ ही गढ़वाली चुटकलों से दर्शकों का मनोरंजन किया। पूर्व मंदिर में मां जिठांई देवी पूजा के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे। महिलाओं ने देवी को शृंगार सामग्री अर्पित की तो देवताओं के पश्वाओं ने देवनृत्य किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रधान संगठन के अध्यक्ष खिलदेव रावत ने कहा कि हर तीन साल में होने इस कार्यक्रम को आपसी सहयोग से भव्य बनाया जा सकता है। कार्यक्रम आयोजन समिति के अध्यक्ष आनंद सिंह कंडवाल, महामंत्री भरत सिंह, प्रबंधक नरेंद्र सिंह, विशन चौधरी, बलबीर कंडवाल, कुंदन सिंह, अनुसूया बिष्ट, दशरथ कंडवाल, भगवान कंडवाल और आरएस कंडवाल आदि मौजूद थे।
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नंदा की डोली पहुंची ल्वाड़ी गांव
देवाल। बधाड़ की ईष्ट देवी नंदा की डोली मंगलवार को ल्वाड़ी गांव पहुंची। यहां देवी का लोगों ने पारंपरिक स्वागत किया। इससे पूर्व वांक गांव में देवी नंदा की पूजा की गई और डोली लोहाजंग, मुंदोली, हरनी गांव होते रात्रि विश्राम के लिए देर शाम ल्वाड़ी गांव पहुंची। इस अवसर पर ल्वाड़ी में आयोजित तीन दिवसीय सेलपाती महोत्सव का भी समापन हो गया। महोत्सव में आसपास के गांवों के ग्रामीण भारी संख्या में पहुंचे थे। इस अवसर पर मानसिंह, नरेंद्र सिंह, हयात सिंह बिष्ट, त्रिलोक सिंह बिष्ट, महिपाल सिंह और खुशाल सिंह सहित कई ग्रामीणों ने पूजा की।
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पुष्पवर्षा और जागर गीतों के साथ कालिंका देवी को दी विदाई
गौचर। तीन दिनों तक हवाई पट्टी स्थित पनाई सेरा मंदिर (मायके) में रहने के बाद भटनगर की कालिंका देवी मंगलवार देर शाम भटनगर (ससुराल) के लिए विदा हो गईं। देवी को ससुराल के लिए विदा हुए बड़ी संख्या में भक्तों ने उनसे आशीर्वाद लिया और खुशहाली की कामना की। भटनगर की कालिंका देवी 26 अगस्त को मायके पनाई सेरा मंदिर पहुंची थीं। तीन दिनों तक पनाई सेरा मंदिर में धियाणियों ने भजन-कीर्तन के साथ देवी की पूजा की। मंगलवार देर शाम को देवी उपासना के साथ भक्तों ने देवी को ससुराल भटनगर कालिंका मंदिर के लिए विदा किया तो माहौल भावुक हो उठा। ढोल नगाड़ों, पुष्पवर्षा, मांगल और जागर गीतों के साथ देवी अपने भाई रावलनगर के लाटू देवता की अगुवाई में ससुराल के लिए विदा की गईं। बहन को ससुराल विदा करने के बाद लाटू देवता को देर शाम रावलनगर मंदिर पहुंचाया गया।
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लोकगीत में सिरोंसार और आला ने मारी बाजी
तीन दिवसीय नंदा देवी पर्यटन विकास मेले का समापन
अमर उजाला ब्यूरो
घाट।
पर्यटन स्थली रामणी में तीन दिनों से चल रहे नंदा देवी पर्यटन विकास मेले के अंतिम दिन विभिन्न सांस्कृतिक और खेल प्रतियोगिताएं हुईं। मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख कर्ण सिंह ने विजेता टीमों को पुरस्कृत किया।
27 अगस्त को दशोली की मां नंदा के रामणी गांव में प्रवेश करने के बाद यहां नंदा देवी पर्यटन विकास मेला शुरू हुआ था। मेले के दौरान लोकगीत प्रतियोगिता में ममंद सिरोंसार व युमंद आला ने प्रथम, घूनी व कुमजुग ने द्वितीय और पडेरगांव व रामणी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। लोकनृत्य में ममंद सिरोंसार व युमंद लुण्तरा ने प्रथम, ममंद सुंग व युमंद सुंग ने द्वितीय तथा ममंद चरबंग व युमंद चरबंग ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वॉलीबाल में युमंद बंगाली विजेता और युमंद भेंटा उपविजेता रहा। कबड्डी में प्राथमिक विद्यालय ग्वाड़ ने प्रथम, जूनियर हाईस्कूल रामणी ने द्वितीय व जूहा स्कूल सुंग-ल्वाणी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कैरम सिंगल में योगेंद्र, गांव नारंगी ने प्रथम व भरत सिंह गांव पेरी द्वितीय रहे। कैरम डबल में रामणी के हरीश भंडारी विजेता रहे। इस मौके पर मेला अध्यक्ष मोहन सिंह पंवार, सूरज सिंह पंवार, प्रधान रामणी सुलोचना देवी, कृपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, हयात सिंह, मकर सिंह, राजेंद्र सिंह, भागवत सिंह, रणजीत सिंह, स्वांरी देवी, राकेश सिंह, कुंवर लाल और भजन सिंह आदि मौजूद थे। संचालन विक्रम सिंह ने किया।
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मंदिर में विराजमान हुईं दशोली की मां नंदा
घाट। दशोली की मां नंदा मंदिर में विराजमान हो गई हैं। मंदिर परिसर में मां नंदा के दर्शनों को पहुंचे भक्तों ने परिवार की कुशलता की कामना की। मंगलवार सुबह नौ बजे पूजा के बाद रामणी गांव से दशोली की मां नंदा की डोली ने सिद्धपीठ कुरुड़ के लिए प्रस्थान किया। विभिन्न गांवों से होते हुए मां नंदा की डोली शाम पांच बजे अपने मूल मंदिर में पहुंची। भक्तों को दर्शन देने के बाद मां नंदा मंदिर में विराजमान हो गईं। इस मौके पर पंडित मुंशी चंद्र, दिनेश प्रसाद, सुभाष, मंशाराम गौड़, विजय प्रसाद, शंभू प्रसाद और विपिन चंद्र आदि मौजूद थे।