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आदिबदरी के आटागाड़ में दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला पैदल पुल वर्षों से बना खस्ताहाल
Updated Sun, 27 Aug 2017 10:08 PM IST
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आदिबदरी। आटागाड़ पर बना आदिबदरी से दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला जामणी बगड़ पैदल पुल जीर्ण-शीर्ण होने से स्कूली छात्रों और ग्रामीणों की आवाजाही के लिए जानलेवा बना है।
आदिबदरी के प्रधान दीपा रावत, नगली की भुवनेश्वरी देवी, नरेंद्र सिंह चाकर, धीरज सिंह कठैत, नवीन बहुगुणा आदि ने बताया कि विगत तीन वर्षों से आदिबदरी के जामणी बगड़ में आटागाड़ गदेरे पर बने पैदल पुल की दोनों साइडों की रेलिंग उखड़ गई है और रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे नगली, ढमकर, हरगांव, रंवारी, तलसारी, स्यालकोट, पज्याणा आदि गांवों से आदिबदरी आने वाले स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। पुल की स्थिति इतनी खराब है कि दो लोगों के चलने पर यह हिलने लग जाता है। कहा कि कई बार शासन-प्रशासन से दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले पैदल पुल का नव निर्माण करने की मांग की थी, लेकिन सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द पुल का नव निर्माण नहीं किया गया उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। ब्यूरो
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आदिबदरी के प्रधान दीपा रावत, नगली की भुवनेश्वरी देवी, नरेंद्र सिंह चाकर, धीरज सिंह कठैत, नवीन बहुगुणा आदि ने बताया कि विगत तीन वर्षों से आदिबदरी के जामणी बगड़ में आटागाड़ गदेरे पर बने पैदल पुल की दोनों साइडों की रेलिंग उखड़ गई है और रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे नगली, ढमकर, हरगांव, रंवारी, तलसारी, स्यालकोट, पज्याणा आदि गांवों से आदिबदरी आने वाले स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। पुल की स्थिति इतनी खराब है कि दो लोगों के चलने पर यह हिलने लग जाता है। कहा कि कई बार शासन-प्रशासन से दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले पैदल पुल का नव निर्माण करने की मांग की थी, लेकिन सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द पुल का नव निर्माण नहीं किया गया उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। ब्यूरो
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