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पच्चीस घंटे बाद हुई लामबगड़ में वाहनों की आवाजाही
Updated Sun, 27 Aug 2017 10:04 PM IST
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जोशीमठ। बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ में रविवार को करीब 25 घंटे बाद वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु हो गया। हाईवे के खुलते ही बदरीनाथ धाम में रोके गए करीब 300 तीर्थयात्री अपने गंतव्य के लिए लौटे तो पांडुकेश्वर और जोशीमठ में रोके गए करीब 240 और रविवार को पहुंचे 220 नए तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हुए। हालांकि साढ़े बारह बजे से एक बजे तक चट्टान से पत्थर छिटकने के कारण वाहनों की आवाजाही रोकी गई, लेकिन इसके बाद शाम तक हाईवे सुचारु रहा।
शनिवार सुबह करीब दस बजे लामबगड़ में बदरीनाथ हाईवे मलबा और चट्टान आने से अवरुद्ध हो गया था। दिन भर बारिश के चलते हाईवे को खोला नहीं जा सका। रविवार को बारिश थमने के बाद मेका-फेरी कंपनी की मशीनें और मजदूर सुबह छह बजे से ही हाईवे को खोलने में जुट गए थे। सुबह करीब ग्यारह बजे हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु हो पाया। इसके बाद विभिन्न जगहों पर रोके गए तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
मेका-फेरी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शोमित्र का कहना था कि लामबगड़ क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही बारिश से हाईवे को सुचारु रखना मुश्किल है। हाईवे पर चट्टान से पत्थर छिटक रहे हैं। बारिश थमने के बाद लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए जाएंगे।
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शनिवार सुबह करीब दस बजे लामबगड़ में बदरीनाथ हाईवे मलबा और चट्टान आने से अवरुद्ध हो गया था। दिन भर बारिश के चलते हाईवे को खोला नहीं जा सका। रविवार को बारिश थमने के बाद मेका-फेरी कंपनी की मशीनें और मजदूर सुबह छह बजे से ही हाईवे को खोलने में जुट गए थे। सुबह करीब ग्यारह बजे हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारु हो पाया। इसके बाद विभिन्न जगहों पर रोके गए तीर्थयात्रियों को उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
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मेका-फेरी कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर शोमित्र का कहना था कि लामबगड़ क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही बारिश से हाईवे को सुचारु रखना मुश्किल है। हाईवे पर चट्टान से पत्थर छिटक रहे हैं। बारिश थमने के बाद लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए जाएंगे।
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