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चमोली के स्वास्थ्य विभाग में एक दशक से नहीं हुए विभागीय स्थानांतरण
Updated Wed, 23 Aug 2017 10:36 PM IST
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गोपेश्वर। चमोली जिले के स्वास्थ्य विभाग में एक दशक से फार्मेसिस्ट और एएनएम का स्थानांतरण नहीं हो पाया है। विभाग की स्थानांतरण नीति स्पष्ट न होने से सैकड़ों फार्मेसिस्ट और एएनएम वर्षों से दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाएं देने को मजबूर हैं।
वर्ष 2007 से स्वास्थ्य विभाग में स्थानांतरण नहीं हो पाए हैं। चमोली जिले में 113 स्वास्थ्य उपकेंद्र, पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा दस अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। साथ ही 52 फार्मेसिस्ट यूनिट हैं। जिले के सबसे दूरस्थ स्वास्थ्य उपकेंद्र कलगोठ में तैनात फार्मेसिस्ट आरएस पंत वर्ष 2009 से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस उपकेंद्र तक पहुंचने के लिए 24 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। यहां नौ सालों से तैनात एएनएम कुसुम बिष्ट का भी स्थानांतरण नहीं हो पाया है। तपोण क्षेत्र में सेवाएं दे रहीं एएनएम मंजू रावत भी छह सालों से दुर्गम क्षेत्र में ही तैनात हैं। यही स्थिति निजमूला, उर्गम, नीती घाटी, देवाल, थराली, गैरसैंण के स्वास्थ्य केंदों में भी बनी हुई है। इधर, सीएमओ डा. भागीरथी जंगपांगी का कहना है कि दूरस्थ क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात फार्मेसिस्ट व एएनएम के स्थानांतरण के लिए निदेशालय स्तर पर वार्ता की जाएगी।
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