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अपने भक्तों से विदा लेकर कैलाश के लिए रवाना हुई मां नंदा
Updated Wed, 16 Aug 2017 10:28 PM IST
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घाट (चमोली)। मां नंदा अपने भक्तों से विदा लेकर कैलाश के लिए रवाना हो गई हैं। दशोली की मां नंदा पहले रात्रि प्रवास के लिए जाखणी गांव पहुंचीं, जबकि बधाण की नंदा भूमियाल के गांव चरबंग पहुंची। नंदा भक्तों ने नम आंखों से अपनी आराध्य देवी को विदाई दी। मंदिर परिसर में महिलाओं ने नंदा के जागर गाकर नंदा को विदाई दी। महिलाओं और ध्याणियों ने मां नंदा को शृंगार का सामान भेंट किया।
तड़के से ही मां नंदा के सिद्धपीठ कुरुड़ में आचार्य ब्राह्मणों ने देव डोलियों पर वेद मंत्रों से शक्ति चढ़ाई और इसके बाद मां नंदा की विशेष पूजा की गई। तीन बजे दशोली और बधाण की मां नंदा की डोलियों का शृंगार किया गया। आरती के बाद शाम चार बजे ढोल-दमाऊं की थाप और भाणा-भंकोरों के साथ मां नंदा कैलाश के लिए रवाना र्हुइं। कुरुड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष मंशाराम गौड़ ने बताया कि 28 अगस्त को दशोली की मां नंदा बालपाटा और बधाण की नंदा की डोली वेदनी बुग्याल पहुंचेंगी। यहां दोनों डोलियों की पूजा-अर्चना होगी। बधाण की मां नंदा वेदनी बुग्याल में पूजा के बाद अपने ननिहाल पहुंचेंगी और यहां छह माह तक प्रवास करेंगी।
लोक नृत्य में ममंद कांडा प्रथम
घाट। कुरुड़ गांव में तीन दिवसीय नंदा लोकजात मेला संपन्न हो गया है। मेले में हुए लोक नृत्य में महिला मंगल दल कांडा प्रथम, कुरुड़ द्वितीय और कुंडबगड़ व जाखणी तृतीय रहे। लोक गीत में ममंद सिरौंसार और युमंद उस्तोली प्रथम रहे। शिक्षण संस्थाओं की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जूनियर वर्ग लोक नृत्य में सरस्वती विद्या मंदिर कुरुड़ प्रथम, एसजीआरआर घाट द्वितीय व कन्या जूनियर हाईस्कूल घाट तृतीय स्थान पर रहे। सीनियर वर्ग में जीआईसी कुंडबगड़, जीआईसी बांसवाड़ा व जीआईसी घाट क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे। वालीबाल में ग्राम पंचायत बंगाली प्रथम व पगना द्वितीय रहे। मेले का समापन जिला पंचायत सदस्य माहेश्वरी कन्याल ने किया। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख कर्ण सिंह, मेला अध्यक्ष पंकज गौड़, गुड्डी देवी, सत्यप्रसाद, भागवत सिंह बिष्ट, योगेश्वर प्रसाद, रमेश, राजेश, राकू गौड़ आदि मौजूद थे। संचालन प्रकाश गौड़ ने किया।
तड़के से ही मां नंदा के सिद्धपीठ कुरुड़ में आचार्य ब्राह्मणों ने देव डोलियों पर वेद मंत्रों से शक्ति चढ़ाई और इसके बाद मां नंदा की विशेष पूजा की गई। तीन बजे दशोली और बधाण की मां नंदा की डोलियों का शृंगार किया गया। आरती के बाद शाम चार बजे ढोल-दमाऊं की थाप और भाणा-भंकोरों के साथ मां नंदा कैलाश के लिए रवाना र्हुइं। कुरुड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष मंशाराम गौड़ ने बताया कि 28 अगस्त को दशोली की मां नंदा बालपाटा और बधाण की नंदा की डोली वेदनी बुग्याल पहुंचेंगी। यहां दोनों डोलियों की पूजा-अर्चना होगी। बधाण की मां नंदा वेदनी बुग्याल में पूजा के बाद अपने ननिहाल पहुंचेंगी और यहां छह माह तक प्रवास करेंगी।
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लोक नृत्य में ममंद कांडा प्रथम
घाट। कुरुड़ गांव में तीन दिवसीय नंदा लोकजात मेला संपन्न हो गया है। मेले में हुए लोक नृत्य में महिला मंगल दल कांडा प्रथम, कुरुड़ द्वितीय और कुंडबगड़ व जाखणी तृतीय रहे। लोक गीत में ममंद सिरौंसार और युमंद उस्तोली प्रथम रहे। शिक्षण संस्थाओं की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जूनियर वर्ग लोक नृत्य में सरस्वती विद्या मंदिर कुरुड़ प्रथम, एसजीआरआर घाट द्वितीय व कन्या जूनियर हाईस्कूल घाट तृतीय स्थान पर रहे। सीनियर वर्ग में जीआईसी कुंडबगड़, जीआईसी बांसवाड़ा व जीआईसी घाट क्रमश: प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे। वालीबाल में ग्राम पंचायत बंगाली प्रथम व पगना द्वितीय रहे। मेले का समापन जिला पंचायत सदस्य माहेश्वरी कन्याल ने किया। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख कर्ण सिंह, मेला अध्यक्ष पंकज गौड़, गुड्डी देवी, सत्यप्रसाद, भागवत सिंह बिष्ट, योगेश्वर प्रसाद, रमेश, राजेश, राकू गौड़ आदि मौजूद थे। संचालन प्रकाश गौड़ ने किया।
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