फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   सतेंद्र का कर्णप्रयाग में हुआ नागरिक अभिनंदन

सतेंद्र का कर्णप्रयाग में हुआ नागरिक अभिनंदन

Wed, 16 Aug 2017 10:31 PM IST
Updated Wed, 16 Aug 2017 10:31 PM IST
विज्ञापन
सतेंद्र का कर्णप्रयाग में हुआ नागरिक अभिनंदन

विज्ञापन
कर्णप्रयाग/घाट। फिलीपींस में हुई जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश के लिए रजत पदक जीतने वाले चमोली जिले के घूनी गांव निवासी सतेंद्र सिंह का कर्णप्रयाग और घाट पहुंचने पर लोगों ने नागरिक अभिनंदन किया। इसके बाद सतेंद्र महाविद्यालय कर्णप्रयाग पहुंचे और युवाओं को लक्ष्य तय कर मुकाम हासिल करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान महाविद्यालय परिवार और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने सतेंद्र को सम्मानित किया। बॉक्सर सतेंद्र के साथ सेल्फी लेने के लिए लोग उत्साहित रहे।
बुधवार दोपहर को बॉक्सर सतेंद्र सिंह यहां पहुंचे तो लोगों ने उनका ढोल नगाड़ों से स्वागत किया और पोखरी पुल से लेकर नए पुल तक रोड शो निकाला। एक वेडिंग प्वाइंट में आयोजित पत्रकार वार्ता में गढ़वाल राइफल रेजीमेंटल सेंटर लैंसडौन के ब्वायज स्पोर्ट्स यूनिट के सतेंद्र सिंह ने कहा कि उनका सपना देश के लिए स्वर्ण जीतना है और इसके लिए अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं। सतेंद्र ने अपनी कामयाबी का श्रेय कोच योगेंद्र बोरा को दिया। नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में थराली के विधायक एमएल शाह, रामकृष्ण भट्ट, जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मी जोशी, नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष गैरोला, व्यापार मंडल अध्यक्ष अर्जुन सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य गुड्डू लाल, आलम राम, अरविंद चौहान, इम्तियाज हुसैन, ललित नैनवाल, अनिल कुमार आदि मौजूद थे।
विज्ञापन



चमोली में तराशेंगे बॉक्सिंग की प्रतिभाएं
कर्णप्रयाग। चमोली जिले की खेल प्रतिभाओं को उभारने के लिए यहां के बच्चों को चयनित कर उन्हें बॉक्सिंग की ट्रैनिंग दी जाएगी। इसके लिए सेना शिविर लगाएगी जिसमें 10 से 12 साल तक के बच्चों का चयन किया जाएगा। यह प्रशिक्षण लैंसडौन में होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतने वाले सतेंद्र के कोच राम सिंह बिष्ट और सूबेदार जीवन सिंह ने कहा कि चमोली जिला खेल प्रतिभाओं का धनी है, लेकिन यहां संसाधन न होने से प्रतिभाएं उचित मुकाम हासिल नहीं कर पाती हैं। सतेंद्र को पहचानने वाले जौहरी और हाईस्कूल चौनघाट के शिक्षक जोगेंद्र सिंह बोरा यदि सतेंद्र को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कालेज नहीं भेजते तो शायद सेना को सतेंद्र जैसा स्पोर्ट्स मैन नहीं मिलता। लिहाजा चमोली में प्रतिभाओं को तराशने और तलाशने के लिए उच्चाधिकारियों का आदेश मिला है। सतेंद्र के कोच राम सिंह बिष्ट का कहना है कि चयन प्रक्रिया के तहत 10 से 12 साल के बच्चों का चयन किया जाएगा। उनके लिए लैंसडौन में दस दिवसीय परीक्षण शिविर का आयोजन होगा। शिविर में पास होने वाले बच्चों को सेना ब्वायज यूनिट में बॉक्सिंग सहित अन्य खेलों की बारीकियां सिखाई जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed