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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय घाट का मामला
Updated Mon, 14 Aug 2017 09:59 PM IST
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गोपेश्वर। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय घाट में छात्राओं के आंदोलन के बाद जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से एक के बाद एक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालय की वार्डन को सस्पेंड कर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कर्णप्रयाग अटैच कर दिया गया है, जबकि विद्यालय में सेवारत लेखाकार और अनुसेविका की संविदा को निरस्त कर दिया गया है। जिलाधिकारी आशीष जोशी ने मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश भी दिए हैं। चमोली के एसडीएम परमानंद को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
15 जुलाई को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय घाट की छात्राएं विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ तहसील परिसर में धरने पर बैठ गई थी। छात्राओं ने वार्डन को हटाने की मांग की। इस पर शिक्षा विभाग ने वार्डन सरला डिमरी को वहां से हटाकर उनके मूल विद्यालय जूनियर हाईस्कूल नाकोट भेज दिया। डीएम ने छात्राओं के आवासीय विद्यालय परिसर से बाहर आकर आंदोलन करने की घटना को गंभीरता से लिया। उन्होंने शिक्षा व राजस्व विभाग की संयुक्त जांच टीम बनाकर मामले में संलिप्त कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) नरेश कुमार हल्दियानी ने बताया कि मामले में वार्डन को सस्पेंड कर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कर्णप्रयाग संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही विद्यालय की लेखाकार और अनुसेविका की संविदा भी समाप्त कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मामले में जांच जारी है, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम चमोली परमानंद ने कहा कि मामले की मजिस्ट्रेटी जांच भी चल रही है।
वार्डन के लिए नहीं किया शिक्षिकाओं ने आवेदन
गोपेश्वर। शिक्षा विभाग की ओर से एक सप्ताह पूर्व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में वार्डन की नियुक्ति के लिए समाचार पत्रों में विज्ञप्ति जारी की गई थी, लेकिन किसी भी शिक्षिका की ओर से वार्डन के लिए आवेदन नहीं किया गया है जिससे आवासीय विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। शिक्षा विभाग की ओर से फिलहाल विद्यालय की व्यवस्था तीन शिक्षिकाओं को सौंपी गई है।
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15 जुलाई को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय घाट की छात्राएं विद्यालय में व्याप्त अव्यवस्थाओं के खिलाफ तहसील परिसर में धरने पर बैठ गई थी। छात्राओं ने वार्डन को हटाने की मांग की। इस पर शिक्षा विभाग ने वार्डन सरला डिमरी को वहां से हटाकर उनके मूल विद्यालय जूनियर हाईस्कूल नाकोट भेज दिया। डीएम ने छात्राओं के आवासीय विद्यालय परिसर से बाहर आकर आंदोलन करने की घटना को गंभीरता से लिया। उन्होंने शिक्षा व राजस्व विभाग की संयुक्त जांच टीम बनाकर मामले में संलिप्त कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) नरेश कुमार हल्दियानी ने बताया कि मामले में वार्डन को सस्पेंड कर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कर्णप्रयाग संबद्ध कर दिया गया है। साथ ही विद्यालय की लेखाकार और अनुसेविका की संविदा भी समाप्त कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मामले में जांच जारी है, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम चमोली परमानंद ने कहा कि मामले की मजिस्ट्रेटी जांच भी चल रही है।
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वार्डन के लिए नहीं किया शिक्षिकाओं ने आवेदन
गोपेश्वर। शिक्षा विभाग की ओर से एक सप्ताह पूर्व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में वार्डन की नियुक्ति के लिए समाचार पत्रों में विज्ञप्ति जारी की गई थी, लेकिन किसी भी शिक्षिका की ओर से वार्डन के लिए आवेदन नहीं किया गया है जिससे आवासीय विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। शिक्षा विभाग की ओर से फिलहाल विद्यालय की व्यवस्था तीन शिक्षिकाओं को सौंपी गई है।
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