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शहर में बनेंगी दो मल्टीस्टोरी पार्किंग
Updated Fri, 04 Aug 2017 01:58 AM IST
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जाम से मिलेगी निजात, बनेगी दो मल्टी स्टोरी पार्किंग
-- एचआरडीए कराएगा पार्किंगों का निर्माण, नगर पालिका पर स्थान चिह्निकरण का जिम्मा
राव राशिद
ऋषिकेश। तीर्थनगरी में लगने वाले जाम की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जागी है। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) ने शहर में दो मल्टी स्टोरी पार्किंग निर्माण की योजना तैयार की है। एचआरडीए के सचिव बंशीधर तिवारी शनिवार को शहर में पार्किंग के लिए पालिका द्वारा चिह्नित स्थल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण के इंजीनियरों के साथ मुआयना कर योजना के निर्माण की संभावनाएं देखी जाएंगी। नगर में पार्किंगों के प्रस्ताव को एचआरडीए बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है। जबकि पार्किंग निर्माण के लिए नगर पालिका की ओर से स्थान चिह्नित भी किया जा चुका है। स्थलीय निरीक्षण के बाद योजना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। नगर में वाहनों की पार्किंग न होने से अकसर देेश-दुनिया के सैलानियों और स्थानीय लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। खासकर पर्व, त्योहारों और पर्यटक सीजन में यात्रा वाहनों की आमद बढ़ने से स्थिति और भी खराब हो जाती है।
तीर्थनगरी आने वाले यात्रियों और पर्यटकों को पार्किंग की व्यवस्था न होने से वाहनों को सड़कों के किनारे पार्क करना पड़ता है, जिससे हरिद्वार व दून हाईवे के साथ ही नगर के अन्य आंतरिक सड़कों पर जाम की स्थिति उतपन्न हो जाती है। प्राधिकरण ने वर्षों से ऋषिकेश में चली आ रही इस समस्या का संज्ञान लिया है। हाल ही में प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में दो मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए निकाय द्वारा एक स्थान का चयन भी कर लिया गया है। प्राधिकरण के अधिकारी जल्द मौके का स्थलीय निरीक्षण कर योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
तीर्थस्थली में नहीं है पार्किंग की सुविधा :
तीर्थस्थली होने के बावजूद अब तक ऋषिकेश में एक भी अधिकृत पार्किंग की सुविधा नहीं है। शहर में प्रतिदिन करीब 800 से 1000 वाहनों की आवाजाही होती है। जबकि यह आंकड़ा पर्व, त्यौहार या फिर पर्यटक सीजन में 1500 तक पहुंच जाता है। त्रिवेणी घाट पर कुछ गाड़ियां पार्क जरूर होती है, लेकिन यहां पर भी अनाधिकृत तौर पर वाहन पार्क किए जाते हैं।
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त्रिवेणीघाट का होगा सौंदर्यीकरण :
एचआरडीए बोर्ड ने तीर्थनगरी के मुख्य आकर्षण के केंद्र त्रिवेणीघाट के सौंदर्यीकरण का निर्णय भी लिया है। योजना के तहत यहां गंगा घाटों की दशा में सुधार कार्य, रंगरोगन आदि जरूरी कार्य शामिल हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
प्राधिकरण ने तीर्थनगरी में दो मल्टीस्टोरी पार्किंग निर्माण का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में मंजूर किए हैं। इसके साथ ही त्रिवेणीघाट के सौंदर्यीकरण की भी योजना है। पार्किंग निर्माण से ऋषिकेश में लोगों को जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकेगी।
बंशीधर तिवारी, सचिव, एचआरडीए।
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-- एचआरडीए कराएगा पार्किंगों का निर्माण, नगर पालिका पर स्थान चिह्निकरण का जिम्मा
राव राशिद
ऋषिकेश। तीर्थनगरी में लगने वाले जाम की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जागी है। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) ने शहर में दो मल्टी स्टोरी पार्किंग निर्माण की योजना तैयार की है। एचआरडीए के सचिव बंशीधर तिवारी शनिवार को शहर में पार्किंग के लिए पालिका द्वारा चिह्नित स्थल का निरीक्षण करने के लिए पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण के इंजीनियरों के साथ मुआयना कर योजना के निर्माण की संभावनाएं देखी जाएंगी। नगर में पार्किंगों के प्रस्ताव को एचआरडीए बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है। जबकि पार्किंग निर्माण के लिए नगर पालिका की ओर से स्थान चिह्नित भी किया जा चुका है। स्थलीय निरीक्षण के बाद योजना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। नगर में वाहनों की पार्किंग न होने से अकसर देेश-दुनिया के सैलानियों और स्थानीय लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। खासकर पर्व, त्योहारों और पर्यटक सीजन में यात्रा वाहनों की आमद बढ़ने से स्थिति और भी खराब हो जाती है।
तीर्थनगरी आने वाले यात्रियों और पर्यटकों को पार्किंग की व्यवस्था न होने से वाहनों को सड़कों के किनारे पार्क करना पड़ता है, जिससे हरिद्वार व दून हाईवे के साथ ही नगर के अन्य आंतरिक सड़कों पर जाम की स्थिति उतपन्न हो जाती है। प्राधिकरण ने वर्षों से ऋषिकेश में चली आ रही इस समस्या का संज्ञान लिया है। हाल ही में प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में दो मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए निकाय द्वारा एक स्थान का चयन भी कर लिया गया है। प्राधिकरण के अधिकारी जल्द मौके का स्थलीय निरीक्षण कर योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू करेंगे।
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तीर्थस्थली में नहीं है पार्किंग की सुविधा :
तीर्थस्थली होने के बावजूद अब तक ऋषिकेश में एक भी अधिकृत पार्किंग की सुविधा नहीं है। शहर में प्रतिदिन करीब 800 से 1000 वाहनों की आवाजाही होती है। जबकि यह आंकड़ा पर्व, त्यौहार या फिर पर्यटक सीजन में 1500 तक पहुंच जाता है। त्रिवेणी घाट पर कुछ गाड़ियां पार्क जरूर होती है, लेकिन यहां पर भी अनाधिकृत तौर पर वाहन पार्क किए जाते हैं।
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त्रिवेणीघाट का होगा सौंदर्यीकरण :
एचआरडीए बोर्ड ने तीर्थनगरी के मुख्य आकर्षण के केंद्र त्रिवेणीघाट के सौंदर्यीकरण का निर्णय भी लिया है। योजना के तहत यहां गंगा घाटों की दशा में सुधार कार्य, रंगरोगन आदि जरूरी कार्य शामिल हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
प्राधिकरण ने तीर्थनगरी में दो मल्टीस्टोरी पार्किंग निर्माण का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में मंजूर किए हैं। इसके साथ ही त्रिवेणीघाट के सौंदर्यीकरण की भी योजना है। पार्किंग निर्माण से ऋषिकेश में लोगों को जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकेगी।
बंशीधर तिवारी, सचिव, एचआरडीए।