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दोकलाम के बाद बाड़ाहोती में चीनी घुसपैठ से सीमा पर बड़ा तनाव
Updated Mon, 31 Jul 2017 10:46 PM IST
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26 जुलाई को नियमित गश्त के दौरान नो मेंस लेंड में आए 200 चीनी सैनिक
चमोली जिला प्रशासन ने घुसपैठ से किया इंकार
अमर उजाला ब्यूरो
गोपेश्वर। दोकलाम के बाद अब उत्तराखंड के चमोली जिले से लगी चीन सीमा पर भी तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। बताया जा रहा है कि विगत 26 जुलाई को जब देश की अंतिम चौकी रिमखिम में आईटीबीपी के जवान नियमित गश्त कर रहे थे, तभी करीब दो सौ चीनी सैनिक नो मेंस लेंड बाड़ाहोती में घुस आए। बताया जा रहा है कि चीनी सैनिक करीब एक घंटे तक बाड़ाहोती में जमे रहे। हालांकि जिला प्रशासन चीनी सैनिकों की घुसपैठ से साफ इंकार कर रहा है।
चमोली से लगे सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती में चीन की ओर से कई बार घुसपैठ की कोशिश की जा चुकी है। विगत तीन जून को बाड़ाहोती क्षेत्र में दो चीनी हेलीकॉप्टर बाड़ाहोती क्षेत्र में करीब तीन मिनट तक मंडराते रहे। इससे पहले वर्ष 2014 में एक चीनी हेलीकॉप्टर बाड़ाहोती क्षेत्र में काफी देर तक आसमान में मंडराता रहा। वर्ष 2015 में चीनी सैनिकों की ओर से भारतीय चरवाहों के खाद्यान्न को नष्ट कर दिया गया था। वर्ष 2016 में सीमा क्षेत्र के निरीक्षण पर गई चमोली प्रशासन की टीम का भी चीनी सैनिकों से सामना हुआ था।
यहां बता दें कि चमोली जिले के अंतिम नगर क्षेत्र जोशीमठ से आईटीबीपी की अंतिम रिमखिम चौकी करीब 105 किलोमीटर पर स्थित है। यहां से आगे नो मेंस लेंड बाड़ाहोती एरिया है।
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26 जुलाई को बाड़ाहोती में चीनी सैनिकों की घुसपैठ की कोई सूचना नहीं है। उच्च अधिकारियों ने भी इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मांगी है। जोशीमठ प्रशासन से भी मामले की जानकारी ली गई, लेकिन सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गतिविधि की सूचना नहीं मिली है।
-आशीष जोशी, डीएम, चमोली
चमोली जिला प्रशासन ने घुसपैठ से किया इंकार
अमर उजाला ब्यूरो
गोपेश्वर। दोकलाम के बाद अब उत्तराखंड के चमोली जिले से लगी चीन सीमा पर भी तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। बताया जा रहा है कि विगत 26 जुलाई को जब देश की अंतिम चौकी रिमखिम में आईटीबीपी के जवान नियमित गश्त कर रहे थे, तभी करीब दो सौ चीनी सैनिक नो मेंस लेंड बाड़ाहोती में घुस आए। बताया जा रहा है कि चीनी सैनिक करीब एक घंटे तक बाड़ाहोती में जमे रहे। हालांकि जिला प्रशासन चीनी सैनिकों की घुसपैठ से साफ इंकार कर रहा है।
चमोली से लगे सीमा क्षेत्र बाड़ाहोती में चीन की ओर से कई बार घुसपैठ की कोशिश की जा चुकी है। विगत तीन जून को बाड़ाहोती क्षेत्र में दो चीनी हेलीकॉप्टर बाड़ाहोती क्षेत्र में करीब तीन मिनट तक मंडराते रहे। इससे पहले वर्ष 2014 में एक चीनी हेलीकॉप्टर बाड़ाहोती क्षेत्र में काफी देर तक आसमान में मंडराता रहा। वर्ष 2015 में चीनी सैनिकों की ओर से भारतीय चरवाहों के खाद्यान्न को नष्ट कर दिया गया था। वर्ष 2016 में सीमा क्षेत्र के निरीक्षण पर गई चमोली प्रशासन की टीम का भी चीनी सैनिकों से सामना हुआ था।
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यहां बता दें कि चमोली जिले के अंतिम नगर क्षेत्र जोशीमठ से आईटीबीपी की अंतिम रिमखिम चौकी करीब 105 किलोमीटर पर स्थित है। यहां से आगे नो मेंस लेंड बाड़ाहोती एरिया है।
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26 जुलाई को बाड़ाहोती में चीनी सैनिकों की घुसपैठ की कोई सूचना नहीं है। उच्च अधिकारियों ने भी इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मांगी है। जोशीमठ प्रशासन से भी मामले की जानकारी ली गई, लेकिन सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गतिविधि की सूचना नहीं मिली है।
-आशीष जोशी, डीएम, चमोली