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अध्यक्ष नहीं मिले पर सचिव ने अखाड़े में शु कियड काम
Updated Sat, 29 Jul 2017 10:50 PM IST
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अध्यक्ष ने गद्दी पर मत्था टेकने जाने से रोका
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
पंचायती अखाड़ा निर्मला के सचिव महंत बलवंत सिंह ने अखाड़ा में जाकर अपना काम शुरू कर दिया है। हालांकि इस दौरान अखाड़ा के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव ने उनसे दूरी बनाकर रखी, साथ ही गद्दी पर मत्था टेकने जाने से भी रोक दिया। सचिव ने अखाड़ा के सेवादारों को दिशा निर्देश भी दिए। सचिव ने कहा कि अब वे मानहानि होने पर कोर्ट में जाएंगे।
पंचायती अखाड़ा निर्मला के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह ने सचिव बलवंत सिंह को सचिव पद से निष्कासित कर दिया था, लेकिन जनरल बॉडी के अनुसार किसी को हटाने का अधिकार श्रीमहंत को नहीं है। ऐसे में सचिव को बहाल किया गया। महंत बलवंत सिंह के अधिकार सिविल कोर्ट हरिद्वार ने भी बहाल रखे। वहीं मामले में विवाद होने की आशंका को देखते हुए एसएसपी ने पीएसी तैनात करवा दी। अपने अधिकार ज्यो के त्यो होने पर शनिवार को सचिव बलवंत सिंह अखाड़े में पहुंचे और कार्यालय में बैठकर कार्य निपटाया। इस दौरान अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव के सम्मान में वह बुके लेकर मिलने गए, लेकिन सेवादार ने उनसे मिलने नहीं दिया। इसके बाद वे अखाड़े की गद्दी पर मत्था टेकने के लिए जाने लगे तो वहां पर उन्हें जाने नहीं दिया गया। इस दौरान महंत बलवंत सिंह ने बताया कि अखाड़ा और शुकदेव कुटी में रहेंगे। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में उनकी जो मानहानि हुई उसके खिलाफ वह कोर्ट में जाएंगे। उन्होंने बताया कि पांच अगस्त को अखाड़ा की जनरल बॉडी की मीटिंग है। उसके दिशा निर्देशों के अनुसार कार्य किया जाएगा। सीओ कनखल जेपी जुयाल ने बताया कि महंत बलदेव सिंह अध्यक्ष से मिलने गए, लेकिन वे नहीं मिले। अखाड़ा में दिनभर प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न हुई। एहतियातन अभी पीएसी तैनात रहेगी।
अध्यक्ष ने गद्दी पर मत्था टेकने जाने से रोका
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
पंचायती अखाड़ा निर्मला के सचिव महंत बलवंत सिंह ने अखाड़ा में जाकर अपना काम शुरू कर दिया है। हालांकि इस दौरान अखाड़ा के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव ने उनसे दूरी बनाकर रखी, साथ ही गद्दी पर मत्था टेकने जाने से भी रोक दिया। सचिव ने अखाड़ा के सेवादारों को दिशा निर्देश भी दिए। सचिव ने कहा कि अब वे मानहानि होने पर कोर्ट में जाएंगे।
पंचायती अखाड़ा निर्मला के अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह ने सचिव बलवंत सिंह को सचिव पद से निष्कासित कर दिया था, लेकिन जनरल बॉडी के अनुसार किसी को हटाने का अधिकार श्रीमहंत को नहीं है। ऐसे में सचिव को बहाल किया गया। महंत बलवंत सिंह के अधिकार सिविल कोर्ट हरिद्वार ने भी बहाल रखे। वहीं मामले में विवाद होने की आशंका को देखते हुए एसएसपी ने पीएसी तैनात करवा दी। अपने अधिकार ज्यो के त्यो होने पर शनिवार को सचिव बलवंत सिंह अखाड़े में पहुंचे और कार्यालय में बैठकर कार्य निपटाया। इस दौरान अध्यक्ष श्रीमहंत ज्ञानदेव के सम्मान में वह बुके लेकर मिलने गए, लेकिन सेवादार ने उनसे मिलने नहीं दिया। इसके बाद वे अखाड़े की गद्दी पर मत्था टेकने के लिए जाने लगे तो वहां पर उन्हें जाने नहीं दिया गया। इस दौरान महंत बलवंत सिंह ने बताया कि अखाड़ा और शुकदेव कुटी में रहेंगे। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में उनकी जो मानहानि हुई उसके खिलाफ वह कोर्ट में जाएंगे। उन्होंने बताया कि पांच अगस्त को अखाड़ा की जनरल बॉडी की मीटिंग है। उसके दिशा निर्देशों के अनुसार कार्य किया जाएगा। सीओ कनखल जेपी जुयाल ने बताया कि महंत बलदेव सिंह अध्यक्ष से मिलने गए, लेकिन वे नहीं मिले। अखाड़ा में दिनभर प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न हुई। एहतियातन अभी पीएसी तैनात रहेगी।
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