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ग्रामीण सड़कों पर सुरक्षा इंतजामों के लिए नहीं मिलता पूरा पैसा
Updated Thu, 27 Jul 2017 10:26 PM IST
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कर्णप्रयाग। ग्रामीण सड़कों के रखरखाव और सड़कों पर सुरक्षा इंतजाम के लिए विभागों को पूरा पैसा नहीं मिलता है, इसे विभागीय अधिकारी भी स्वीकार कर रहे हैं। यहां तक कि स्टेट हाईवे पर भी पैराफिट, क्रॉस बैरियर, निर्माण कार्य में घटिया गुणवत्ता सहित अन्य सुरक्षा इंतजामों को पूरा करने में विभागों के लिए मुश्किलें होती हैं।
मेहलचौरी-नागचुलाखाल मोटर मार्ग पर बुधवार को हुई कार दुर्घटना में जिस जगह कार गिरी वहां विभाग द्वारा क्रॉस बैरियर नहीं लगाया गया था। कहा जा रहा है कि यदि यहां सुरक्षा के इंतजाम होते तो दुुर्घटना न होती। हालांकि लोक निर्माण विभाग गैरसैंण के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह कहते हैं कि क्रॉस बैरियर लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। यही नहीं, संकरी जगहों, पुश्तों में भी बैरियर या पैराफिट नहीं लगाए जा सकते हैं। यदि 20 किमी की सड़क है, तो महज एक किमी पर क्रॉस बैरियर लगाने का प्रावधान है, वह भी स्टेट हाईवे पर। ऐसे में ग्रामीण सड़कों के किनारे व्यापक सुरक्षा के इंतजाम करना चुनौती ही है।
कर्णप्रयाग में ये सड़कें हैं खतरनाक
कर्णप्रयाग। ब्लॉक की सोनला-कंडारा, कर्णप्रयाग-नैनीसैंण, रतूड़ा-बैनीताल, बगोली-कोटीजेंटा सहित कई मोटर मार्ग खस्ताहाल है। यही नहीं, पिंडर घाटी की लाइफ लाइन कर्णप्रयाग से ग्वालदम और देवाल तक नलगांव, मौणाछीड़ा, हरमनी, थराली, सुनगाड़, ऊणी सहित कई जगह डेंजर जोन है। नैनीताल हाईवे पर पाडली, भटोली, बकरिया बेंड सहित तमाम जगहों पर सुरक्षा के बेहतर इंतजाम दुर्घटनाओं को रोकने में मददगार साबित हो सकते हैं।
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7 माह में 6 हादसे : 9 की मौत, 43 घायल
कर्णप्रयाग। जनवरी से अब तक सात माह में नौ की अकाल मौत हो चुकी है, जबकि 43 से अधिक घायल हो चुके हैं। वर्ष 2016 की बात करें तो आठ माह में 21 से अधिक लोग अकाल मौत के शिकार हुए थे। सड़क दुर्घटनाओं का आलम यह है कि यहां पिछले सात दिन में पांच की मौत हो चुकी है। 21 जुलाई की सुबह जहां बदरीनाथ हाईवे पर गौचर कर्णप्रयाग के मध्य चटवापीपल के पास दो बाइकें टकरा गई जिसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी तो दोपहर आते आते बदरीनाथ हाईवे पर कर्णप्रयाग के पास ही राजनगर में यात्रियों से भरी बस आवासीय बस्ती के बीच एक खेत में पलट गई थी, जिसमें दो यात्री महिलाओं की मौत हुई थी।
इस वर्ष हुई बड़ी वाहन दुर्घटनाएं
- 12 फरवरी को बदरीनाथ हाईवे पर वाहन दुर्घटना में 1 की मौत 2 घायल।
-6 अप्रैल को हरमनी-देवपुरी मोटर मार्ग पर वाहन दुर्घटना 1 की मौत 2 घायल।
-16 जून को मींगगदेरा ग्रामीण सड़क पर वाहन दुर्घटना 1 की मौत 2 घायल।
-21 जुलाई को बदरीनाथ हाईवे पर चटवापीपल में वाहन दुर्घटना 1 की मौत 1 घायल।
-21 जुलाई को बदरीनाथ हाईवे पर राजनगर में वाहन दुघर्टना 3 की मौत 33 घायल।
-26 जुलाई को मेहलचौंरी-नागचुलाखाल मोटर मार्ग पर वाहन दुर्घटना 2 की मौत 3 घायल।
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मेहलचौरी-नागचुलाखाल मोटर मार्ग पर बुधवार को हुई कार दुर्घटना में जिस जगह कार गिरी वहां विभाग द्वारा क्रॉस बैरियर नहीं लगाया गया था। कहा जा रहा है कि यदि यहां सुरक्षा के इंतजाम होते तो दुुर्घटना न होती। हालांकि लोक निर्माण विभाग गैरसैंण के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह कहते हैं कि क्रॉस बैरियर लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। यही नहीं, संकरी जगहों, पुश्तों में भी बैरियर या पैराफिट नहीं लगाए जा सकते हैं। यदि 20 किमी की सड़क है, तो महज एक किमी पर क्रॉस बैरियर लगाने का प्रावधान है, वह भी स्टेट हाईवे पर। ऐसे में ग्रामीण सड़कों के किनारे व्यापक सुरक्षा के इंतजाम करना चुनौती ही है।
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कर्णप्रयाग में ये सड़कें हैं खतरनाक
कर्णप्रयाग। ब्लॉक की सोनला-कंडारा, कर्णप्रयाग-नैनीसैंण, रतूड़ा-बैनीताल, बगोली-कोटीजेंटा सहित कई मोटर मार्ग खस्ताहाल है। यही नहीं, पिंडर घाटी की लाइफ लाइन कर्णप्रयाग से ग्वालदम और देवाल तक नलगांव, मौणाछीड़ा, हरमनी, थराली, सुनगाड़, ऊणी सहित कई जगह डेंजर जोन है। नैनीताल हाईवे पर पाडली, भटोली, बकरिया बेंड सहित तमाम जगहों पर सुरक्षा के बेहतर इंतजाम दुर्घटनाओं को रोकने में मददगार साबित हो सकते हैं।
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7 माह में 6 हादसे : 9 की मौत, 43 घायल
कर्णप्रयाग। जनवरी से अब तक सात माह में नौ की अकाल मौत हो चुकी है, जबकि 43 से अधिक घायल हो चुके हैं। वर्ष 2016 की बात करें तो आठ माह में 21 से अधिक लोग अकाल मौत के शिकार हुए थे। सड़क दुर्घटनाओं का आलम यह है कि यहां पिछले सात दिन में पांच की मौत हो चुकी है। 21 जुलाई की सुबह जहां बदरीनाथ हाईवे पर गौचर कर्णप्रयाग के मध्य चटवापीपल के पास दो बाइकें टकरा गई जिसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी तो दोपहर आते आते बदरीनाथ हाईवे पर कर्णप्रयाग के पास ही राजनगर में यात्रियों से भरी बस आवासीय बस्ती के बीच एक खेत में पलट गई थी, जिसमें दो यात्री महिलाओं की मौत हुई थी।
इस वर्ष हुई बड़ी वाहन दुर्घटनाएं
- 12 फरवरी को बदरीनाथ हाईवे पर वाहन दुर्घटना में 1 की मौत 2 घायल।
-6 अप्रैल को हरमनी-देवपुरी मोटर मार्ग पर वाहन दुर्घटना 1 की मौत 2 घायल।
-16 जून को मींगगदेरा ग्रामीण सड़क पर वाहन दुर्घटना 1 की मौत 2 घायल।
-21 जुलाई को बदरीनाथ हाईवे पर चटवापीपल में वाहन दुर्घटना 1 की मौत 1 घायल।
-21 जुलाई को बदरीनाथ हाईवे पर राजनगर में वाहन दुघर्टना 3 की मौत 33 घायल।
-26 जुलाई को मेहलचौंरी-नागचुलाखाल मोटर मार्ग पर वाहन दुर्घटना 2 की मौत 3 घायल।