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बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन से जुड़े कर्मियों का आंदोलन
Updated Thu, 27 Jul 2017 10:26 PM IST
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श्रीनगर। वेतन संशोधन व पेंशन प्रकरण सहित अन्य मांगों के लिए बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर बीएसएनएल (भारत संचार निगम लि.) के अधिकारी/कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। निगम कर्मियों ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया।
बृहस्पतिवार को जिला महाप्रबंधक कार्यालय से जुड़े संचार कर्मियों ने हड़ताल की। उन्होंने जिला महाप्रबंधक कार्यालय गेट पर धरने पर बैठ मांग पूरी न होने पर आक्रोश जताया। कहा कि वर्ष 2000 में भारतीय दूरसंचार विभाग को निगम बना दिया। इसके बाद जो निगम में नौकरी लगे, उनकी पेंशन का सेटलमेंट नहीं हुआ। इससे उनको सेवानिवृत्ति के बाद लाभ नहीं मिल पाएगा। कहा कि 90 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों के लिए उनकी सेवा का अंतिम संशोधन का मौका है। अगले वेतन संशोधन तक वह रिटायर हो जाएंगे। ऐसे में यदि उनको 1 जनवरी 2017 सेे वेतन संशोधन नहीं मिलता है, तो पेंशन में भारी नुकसान होगा। कर्मचारियों ने कहा कि बीएसएनएल में सीधी भर्ती से नियुक्त कर्मियों को सालाना वेतन लाभ बहुत कम मिल रहा है। जबकि अन्य निगमों में 30 फीसदी मिल रहा है। उन्होंने कार्यालय परिसर में आंदोलनात्मक गतिविधियों पर रोक लगाने के आदेश का विरोध किया। यूनियन के परिमंडल अध्यक्ष गणेश काला, जिला सचिव विक्रम नयाल, सहायक महाप्रबंधक जी रमेश रेड्डी व हितेश पालीवाल, दिनेश पंवार, सलीम अख्तर, फरीद अहमद, दलीप रावत, किरन, इंदू, राजेश्वरी, उमा तिवारी और सुमन आदि ने धरना दिया।
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बृहस्पतिवार को जिला महाप्रबंधक कार्यालय से जुड़े संचार कर्मियों ने हड़ताल की। उन्होंने जिला महाप्रबंधक कार्यालय गेट पर धरने पर बैठ मांग पूरी न होने पर आक्रोश जताया। कहा कि वर्ष 2000 में भारतीय दूरसंचार विभाग को निगम बना दिया। इसके बाद जो निगम में नौकरी लगे, उनकी पेंशन का सेटलमेंट नहीं हुआ। इससे उनको सेवानिवृत्ति के बाद लाभ नहीं मिल पाएगा। कहा कि 90 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों के लिए उनकी सेवा का अंतिम संशोधन का मौका है। अगले वेतन संशोधन तक वह रिटायर हो जाएंगे। ऐसे में यदि उनको 1 जनवरी 2017 सेे वेतन संशोधन नहीं मिलता है, तो पेंशन में भारी नुकसान होगा। कर्मचारियों ने कहा कि बीएसएनएल में सीधी भर्ती से नियुक्त कर्मियों को सालाना वेतन लाभ बहुत कम मिल रहा है। जबकि अन्य निगमों में 30 फीसदी मिल रहा है। उन्होंने कार्यालय परिसर में आंदोलनात्मक गतिविधियों पर रोक लगाने के आदेश का विरोध किया। यूनियन के परिमंडल अध्यक्ष गणेश काला, जिला सचिव विक्रम नयाल, सहायक महाप्रबंधक जी रमेश रेड्डी व हितेश पालीवाल, दिनेश पंवार, सलीम अख्तर, फरीद अहमद, दलीप रावत, किरन, इंदू, राजेश्वरी, उमा तिवारी और सुमन आदि ने धरना दिया।
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