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अब केंद्र से संचालित होगा जड़ी-बूटी शोध एवं संस्थान
Updated Sun, 23 Jul 2017 09:54 PM IST
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गोपेश्वर। जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान मंडल को केंद्र के हवाले करने की योजना बनाई जा रही है। इससे किसानों को भी फायदा होगा। संस्थान के स्वरूप को यथावत ही रखा जाएगा। यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने यह बातें कहीं।
लोनिवि के निरीक्षण भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में विधायक महेंद्र भट्ट ने कहा कि जड़ी-बूटी संस्थान के विकास से कई फायदे होंगे। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में होने वाली जड़ी-बूटियों का संरक्षण होगा, काश्तकारों को फायदा मिलेगा और आयुर्वेदिक शोध विद्यालय का संचालन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले के अस्पतालों में डॉक्टरों और विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से वैकल्पिक यात्रा मार्गों का चयन कर लिया गया है। पोखरी-गोपेश्वर मोटर मार्ग की बदहाली पर उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग से गोपेश्वर तक जल्द सड़क का चौड़ीकरण और सुधारीकरण कार्य किया जाएगा। उन्होंने अमृत गंगा पेयजल योजना पर फिल्टर टैंक निर्माण और पोखरी तहसील में एसडीएम और तहसीलदार की तैनाती का भी भरोसा दिलाया। इस मौके पर सांसद प्रतिनिधि रघुवीर सिंह बिष्ट, मीडिया प्रभारी महावीर रावत, भाजयुमो जिलाध्यक्ष नवल भट्ट, वीरेंद्र असवाल, मोहन सिंह नेगी और धूम सिंह नेगी आदि मौजूद थे।
चंडी प्रसाद भट्ट की ली राय
गोपेश्वर। बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित पर्यावरणविद चंडी प्रसाद भट्ट से भेंट की। उन्होंने जड़ी-बूटी शोध संस्थान को केंद्र सरकार को सौंपने की योजना पर उनकी राय ली। साथ ही हिमालय क्षेत्र में पर्यावरण में आ रहे बदलाव को नियंत्रित करने के उपायों के बारे में भी जानकारी ली। चंडी प्रसाद भट्ट ने कहा कि विकास कार्यों के क्रियान्वयन में पर्यावरण संरक्षण के विशेष प्राविधान किए जाने की आवश्यकता है।
लोनिवि के निरीक्षण भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में विधायक महेंद्र भट्ट ने कहा कि जड़ी-बूटी संस्थान के विकास से कई फायदे होंगे। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में होने वाली जड़ी-बूटियों का संरक्षण होगा, काश्तकारों को फायदा मिलेगा और आयुर्वेदिक शोध विद्यालय का संचालन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले के अस्पतालों में डॉक्टरों और विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से वैकल्पिक यात्रा मार्गों का चयन कर लिया गया है। पोखरी-गोपेश्वर मोटर मार्ग की बदहाली पर उन्होंने कहा कि रुद्रप्रयाग से गोपेश्वर तक जल्द सड़क का चौड़ीकरण और सुधारीकरण कार्य किया जाएगा। उन्होंने अमृत गंगा पेयजल योजना पर फिल्टर टैंक निर्माण और पोखरी तहसील में एसडीएम और तहसीलदार की तैनाती का भी भरोसा दिलाया। इस मौके पर सांसद प्रतिनिधि रघुवीर सिंह बिष्ट, मीडिया प्रभारी महावीर रावत, भाजयुमो जिलाध्यक्ष नवल भट्ट, वीरेंद्र असवाल, मोहन सिंह नेगी और धूम सिंह नेगी आदि मौजूद थे।
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चंडी प्रसाद भट्ट की ली राय
गोपेश्वर। बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित पर्यावरणविद चंडी प्रसाद भट्ट से भेंट की। उन्होंने जड़ी-बूटी शोध संस्थान को केंद्र सरकार को सौंपने की योजना पर उनकी राय ली। साथ ही हिमालय क्षेत्र में पर्यावरण में आ रहे बदलाव को नियंत्रित करने के उपायों के बारे में भी जानकारी ली। चंडी प्रसाद भट्ट ने कहा कि विकास कार्यों के क्रियान्वयन में पर्यावरण संरक्षण के विशेष प्राविधान किए जाने की आवश्यकता है।
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